*दंतेवाड़ा पुलिस को साइबर फ्रॉड में बड़ी सफलता: मध्य प्रदेश से 4 आरोपी गिरफ्तार, लाखों की ठगी बरामद*

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*दंतेवाड़ा पुलिस को साइबर फ्रॉड में बड़ी सफलता: मध्य प्रदेश से 4 आरोपी गिरफ्तार, लाखों की ठगी बरामद*

दंतेवाड़ा, 12 नवंबर 2025: दंतेवाड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक निवेश विज्ञापनों के जरिए लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर ठगते थे। पुलिस ने फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स की मदद से 100 से अधिक बैंक अकाउंट्स की जांच कर आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार आरोपियों से ठगी की राशि बरामद करने की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर और आर.के. बर्मन के मार्गदर्शन तथा साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पीड़ित की शिकायत पर बैंक डिटेल्स और पूछताछ के आधार पर किरंदुल, गीदम और बचेली थानों की संयुक्त टीम का गठन किया गया। निरीक्षक संजय यादव के नेतृत्व में टीम मध्य प्रदेश के अनूपपुर, भोपाल, उज्जैन और इटारसी जिलों में छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

रोशन लाल खरे (24 वर्ष), निवासी भोपाल

सचिन साहू (24 वर्ष), निवासी भोपाल

अमन अजवानी (32 वर्ष), निवासी देवास

अंकित तिवारी (26 वर्ष), निवासी अनूपपुर

आरोपी फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट के नाम पर फर्जी विज्ञापन चलाते थे, जिसमें उच्च रिटर्न का वादा कर लोगों से पैसे ऐंठते थे। ठगी की राशि को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर सबूत मिटाने की कोशिश करते थे। पुलिस ने साइबर फॉरेंसिक टूल्स से ट्रांजेक्शन ट्रेस कर इस नेटवर्क को तोड़ा। आरोपियों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

विश्लेषण: साइबर ठगी का बढ़ता खतरा और पुलिस की सतर्कता

यह मामला साइबर फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर करता है, जहां सोशल मीडिया पर फर्जी निवेश स्कीम्स से लाखों लोग शिकार हो रहे हैं। दंतेवाड़ा पुलिस की यह सफलता फाइनेंशियल एनालिसिस और डिजिटल फॉरेंसिक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है, जो छोटे जिलों में भी हाई-टेक अपराधों से निपटने की क्षमता दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी का दुरुपयोग ठगों को सबूत छिपाने में मदद करता है, लेकिन उन्नत टूल्स से ऐसे केस सुलझाए जा सकते हैं। यह कार्रवाई अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगी और लोगों में जागरूकता बढ़ाएगी।

दंतेवाड़ा पुलिस लगातार जनसंपर्क अभियान चला रही है, जिसमें बैंकिंग फ्रॉड, पार्ट-टाइम जॉब धोखाधड़ी, ओटीपी शेयरिंग आदि से बचाव की सलाह दी जा रही है। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या निकटतम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

कार्रवाई में योगदान देने वाले: निरीक्षक संजय यादव, सउनि पंकज गर, आर. अभिजीत वट्टी, आर. विक्रांत साहू, आर. प्रमोद, आर. मिथिलेश पुजारी और आर. जैनेन्द्र विश्वकर्मा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह सफलता दंतेवाड़ा पुलिस की साइबर क्राइम से लड़ने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

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