*किरन्दुल में मनी लेंडरों की गिरफ्तारी: आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दो गिरफ्तार*
दंतेवाड़ा, 08 नवंबर 2025: किरन्दुल थाना क्षेत्र में कर्ज के दबाव और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर चुके पी. गणेश्वर राव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मृतक के सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर दो आरोपी मनी लेंडरों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह मामला पैसे की उगाही और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा है, जो क्षेत्र में अवैध साहूकारी की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक गणेश्वर राव को आरोपी रामचंद्र जयसवाल उर्फ चंदर सेठ (62 वर्ष, निवासी मुख्य बाजार किरन्दुल, मूल पता बचेली) और राजकुमार साव उर्फ कड़की (60 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 8, मुख्य बाजार किरन्दुल) लगातार पैसे वापसी के लिए दबाव बना रहे थे। सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से इन दोनों का जिक्र है, जहां उन्होंने कर्ज लेन-देन और बार-बार परेशान करने की बात लिखी थी। परिजनों से पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मानते हुए थाना किरन्दुल में अपराध क्रमांक 68/2025 के तहत धारा 108 और 3(5) बीएनएसएस के अंतर्गत केस दर्ज किया।
विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत जुटाने पर आज दोपहर 2:20 बजे रामचंद्र जयसवाल और 2:30 बजे राजकुमार साव को विधिवत गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई अवैध साहूकारी और कर्ज पीड़ितों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत संदेश है।
विश्लेषण: यह घटना दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में मनी लेंडिंग की बढ़ती समस्या को रेखांकित करती है, जहां गरीब और जरूरतमंद लोग ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेते हैं और बाद में उत्पीड़न का शिकार होते हैं। सुसाइड नोट जैसे ठोस सबूतों से पुलिस को त्वरित कार्रवाई का मौका मिला, जो आत्महत्या मामलों में दुर्लभ है। इससे अन्य पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने का हौसला मिलेगा और साहूकारों पर अंकुश लगेगा। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों की तलाश और आरोपी के नेटवर्क की जांच कर रही है। यह मामला कानूनी रूप से मजबूत दिख रहा है, जो सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम है।
