*किरंदुल के व्यापारियों पर संकट: एनएमडीसी सामाजिक भवनों में बाहरी व्यापारियों का जमावड़ा*

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

किरंदुल के व्यापारियों पर संकट: एनएमडीसी सामाजिक भवनों में बाहरी व्यापारियों का जमावड़ा

किरंदुल।

त्योहारों के नजदीक आते ही किरंदुल के स्थानीय व्यापारियों के सामने बड़ा खतरा मंडराने लगा है। आने वाले दिनों में एनएमडीसी (NMDC) द्वारा निर्मित सामाजिक भवनों और आवासीय परिसरों में बाहरी व्यापारी अस्थायी बाजार सजाने की तैयारी में जुट गए हैं। ये व्यापारी कुछ दिनों या हफ्तों के लिए आकर साल भर की बिक्री कर जाते हैं और लौटने के बाद किरंदुल के स्थायी व्यवसायियों को ग्राहकों के इंतजार में खाली हाथ छोड़ जाते हैं।

स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि त्योहारों के समय कपड़ा, फैंसी आइटम, प्लास्टिक सामान, घर सजावट की सामग्री और अन्य उपभोक्ता वस्तुएं बेचने वाले बाहरी विक्रेता किरंदुल में आकर अस्थायी दुकानें लगाते हैं। ये व्यापारी बेहद सस्ते दाम और आकर्षक ऑफरों के जरिए ग्राहकों को लुभाते हैं। नतीजा यह होता है कि स्थानीय दुकानदारों को अपने ही इलाके में ग्राहक नहीं मिलते और उनका व्यापार ठप हो जाता है।

सामाजिक भवनों का गलत इस्तेमाल

एनएमडीसी द्वारा निर्मित सामाजिक भवन मूल रूप से समाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक कार्यों के लिए बनाए गए थे। परंतु अब ये भवन बाहरी व्यापारियों के अस्थायी बाजार का ठिकाना बनते जा रहे हैं। समाज के कुछ लोग मामूली किराए पर ये भवन इन व्यापारियों को दे देते हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों का नुकसान और बढ़ जाता है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह स्थिति न केवल उनके कारोबार के लिए नुकसानदायक है बल्कि नगर की अर्थव्यवस्था के लिए भी हानिकारक है। इन बाहरी व्यापारियों द्वारा न तो यहां कर (टैक्स) चुकाया जाता है और न ही नगर की किसी विकास प्रक्रिया में कोई योगदान दिया जाता है।

स्थानीय व्यापारी हताश, प्रशासन मौन

किरंदुल बाजार के व्यापारी संगठनों ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि एन एम डी सी परियोजना को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और बाहरी व्यापारियों को सामाजिक भवनों में अस्थायी बाजार लगाने से रोकना चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो त्योहारी सीजन में स्थानीय व्यापारी भारी नुकसान झेलेंगे और उनका साल भर का व्यापार चौपट हो जाएगा।

स्थानीय व्यापारियों का यह भी कहना है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो आने वाले दिनों में किरंदुल के स्थायी दुकानदारों का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।

बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ की मांग:

बाहरी व्यापारियों को सामाजिक भवनों में दुकान लगाने की अनुमति न दी जाए।

सामाजिक भवनों मे एन एम डी सी द्वारा पूर्णतः प्रतिबन्ध लागू की जाए।

त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण यह मामला और गंभीर हो गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन स्थानीय व्यापारियों की मांग पर कब तक और क्या कार्रवाई करता है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles