*छात्रों और शिक्षकों में बुलिंग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किरंदुल में एक दिवसीय कार्यशाला*
किरंदुल, 9 सितंबर 2025: बुलिंग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बी. जे. पी. स्कूल, किरंदुल में 9 सितंबर 2025 को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दंतेवाड़ा जिले के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला का आयोजन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय, भुवनेश्वर के सहयोग से किया गया, जिसमें साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं और उनकी रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में श्री हेतु भौर सिंह ममाला, डी. स्कूल, भाटापारा और श्री जगमोहन सोनी, व्याख्याता, आदर्श पब्लिक स्कूल, जगदलपुर ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। दोनों विशेषज्ञों ने साइबर अपराधों की गंभीरता, इसके प्रभाव और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, पासवर्ड सुरक्षा, और साइबर बुलिंग से निपटने के लिए प्रासंगिक टूल्स और तकनीकों पर जोर दिया।
कार्यशाला का शुभारंभ परियोजना विद्यालय के प्राचार्य और यूनिट डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दुबे ने किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बुलिंग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, किरंदुल के मुख्य महाप्रबंधक श्री उत्कर्ष देवांगन अपने स्टाफ के साथ उपस्थित रहे। साथ ही, आस्था विद्या मंदिर, जावंगा के प्राचार्य श्री वी. के. शर्मा, उप-प्राचार्य श्री पाणिग्रही, और अन्य शिक्षक भी इस आयोजन में शामिल हुए।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण वेबसाइटों और टोल-फ्री नंबरों की जानकारी भी प्रदान की गई, ताकि वे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता प्राप्त कर सकें। यह कार्यक्रम मनमोहक और जानकारीपूर्ण ढंग से आयोजित किया गया, जिसने अपने सभी उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया।
कार्यशाला का समापन शाम 5 बजे धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन ने न केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्कूलों में सुरक्षित और सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह पहल निश्चित रूप से समाज में डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी।
