*किरंदुल वार्ड नं. 7 में नाले का पानी सड़क पर, बदबू से परेशान निवासियों का हाहाकार; नगरपालिका और पार्षद पर उठे सवाल*
किरंदुल के वार्ड नंबर 7 में एक गंभीर समस्या ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। आरोप है कि स्थानीय निवासी केसबो द्वारा अपने बाथरूम और शौचालय का गंदा पानी सीधे सड़क पर छोड़ा जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल रही है। इस बदबू और गंदगी से परेशान निवासियों ने नगरपालिका में कई बार शिकायत दर्ज की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड पार्षद को भी मौके पर बुलाकर स्थिति दिखाई गई, परंतु पार्षद ने भी इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
*निवासियों की शिकायत और आरोप:*
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या के पीछे राजनीतिक संरक्षण जिम्मेदार है। उनका आरोप है कि केसबो, जो कथित तौर पर वार्ड पार्षद का वोटर है, के खिलाफ कोई कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही क्योंकि पार्षद वोट की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। निवासियों का कहना है कि न तो नगरपालिका अध्यक्ष और न ही पार्षद उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहे हैं। एक स्थानीय निवासी, ने बताया, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार हमें सिर्फ आश्वासन मिलता है। बदबू की वजह से बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं।”
*नगरपालिका और पार्षद का रवैया:*
निवासियों का कहना है कि नगरपालिका और पार्षद की उदासीनता से यह स्पष्ट होता है कि जनता की समस्याओं से ज्यादा वोट की राजनीति को महत्व दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्षद ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है और केसबो के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से बच रहे हैं। वहीं, नगरपालिका प्रशासन भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहा, जिससे लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
*विश्लेषण:*
यह मामला केवल गंदगी और बदबू की समस्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है। अगर आरोप सही हैं, तो यह स्पष्ट है कि कुछ लोग अपने निजी और राजनीतिक हितों को जनता की भलाई से ऊपर रख रहे हैं। सड़क पर बहता गंदा पानी न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति लापरवाही को भी दर्शाता है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनी नीतियों का इस तरह उल्लंघन चिंता का विषय है।

