*किरंदुल में यात्री ट्रेनों की बंदी के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी, मालगाड़ी रोकने की धमकी*
किरंदुल: लगभग दो माह से किरंदुल और बचेली में यात्री ट्रेनों के संचालन को जगदलपुर या दंतेवाड़ा तक सीमित रखने से लौह नगरी के निवासियों में भारी आक्रोश है। इस मुद्दे को लेकर किरंदुल नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने रेलवे के सहायक अभियंता (एईएन) अजित कुमार को ज्ञापन सौंपकर यात्री ट्रेनों को तत्काल किरंदुल तक संचालित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो किरंदुल रेलवे स्टेशन पर चक्का जाम कर मालगाड़ियों की ढुलाई बंद कर दी जाएगी।
*एनएमडीसी और रेलवे पर सवाल*
किरंदुल और बचेली में एनएमडीसी की खदानों से लौह अयस्क का परिवहन कर रेलवे सालाना खरबों रुपये का राजस्व अर्जित करता है। इसके बावजूद, रेलवे प्रशासन द्वारा किरंदुल और बचेली के निवासियों को यात्री ट्रेनों जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप लगाया जा रहा है। किरंदुल से संचालित एकमात्र पैसेंजर ट्रेन और एकमात्र एक्सप्रेस ट्रेन ही स्थानीय लोगों और एनएमडीसी कर्मचारियों के लिए अपने मूल प्रांतों या विशाखापट्टनम जैसे शहरों में स्वास्थ्य जांच के लिए जाने का सहारा हैं। इन ट्रेनों को दंतेवाड़ा तक सीमित करने से निवासियों को भारी परेशानी हो रही है।
आंदोलन की चेतावनी*
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने कहा, “एईएन को सात दिन का समय दिया गया है। यदि यात्री ट्रेनें किरंदुल तक नहीं चलाई गईं तो उग्र आंदोलन होगा।” उन्होंने बताया कि बचेली-किरंदुल रेलखंड में तकनीकी समस्या का हवाला देकर ट्रेनों को रोका जा रहा है, लेकिन मालगाड़ियों का संचालन निर्बाध जारी है। सिद्दीकी ने चेतावनी दी कि यदि यात्री ट्रेनें तत्काल बचेली तक नहीं चलाई गईं तो रेलवे के समस्त परिवहन को रोक दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
*रेलवे का जवाब*
एईएन अजित कुमार ने कहा, “मैं मीडिया को बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हूं। ज्ञापन डीआरएम कार्यालय भेज दिया गया है।” वहीं, डीआरएम कार्यालय ने बताया कि ज्ञापन पर विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
*स्थानीय नेताओं की मौजूदगी*
ज्ञापन सौंपने के दौरान बबलू सिद्दीकी के साथ कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजू रेड्डी और पूर्व पार्षद दिनेश प्रसाद भी मौजूद रहे। स्थानीय निवासियों और एनएमडीसी कर्मचारियों ने रेलवे की इस नीति को “दोगली मानसिकता” करार देते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
*आगे की रणनीति*
बबलू सिद्दीकी ने बताया कि समस्या स्थल का निरीक्षण किया गया, जिसमें बचेली-किरंदुल रेलखंड में तकनीकी खराबी पाई गई। उन्होंने रेलवे को चेतावनी दी कि यदि यात, रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और तीव्र होगा, जिससे रेलवे के परिवहन पर असर पड़ सकता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेलवे को क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

