*किरंदुल में धूमधाम से मनाई गई डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती, नई प्रतिमा का अनावरण*

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*किरंदुल में धूमधाम से मनाई गई डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती, नई प्रतिमा का अनावरण*

किरंदुल, 14 अप्रैल 2025: आज किरंदुल में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एनएमडीसी कल्याण समिति, किरंदुल, नागार्जुन बौद्ध विकास समिति, किरंदुल और एनएमडीसी के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एनएमडीसी द्वारा निर्मित आंबेडकर पार्क में डॉ. बाबासाहेब की नवनिर्मित प्रतिमा का अनावरण रहा, जिसने सभी के मन को मोह लिया।

 

कार्यक्रम की शुरुआत एनएमडीसी किरंदुल के मुख्य प्रबंधक श्री संजीव साही द्वारा आंबेडकर पार्क में डॉ. बाबासाहेब की नई प्रतिमा के अनावरण के साथ हुई। इसके पश्चात उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की और बाबासाहेब के योगदान को याद किया। इस अवसर पर किरंदुल नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रूबी सिंह ने भी डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया । साथ ही, एनएमडीसी 13 परियोजना प्रमुख श्री किसन आहूजा ने भी बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

 

इस आयोजन में किरंदुल के सभी जाति-धर्म के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर महामानव डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। एनएमडीसी द्वारा निर्मित आंबेडकर पार्क में स्थापित डॉ. बाबासाहेब की नई प्रतिमा की खूबसूरती देखते ही बनती थी, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रतिमा का शिल्प और भव्यता बाबासाहेब के व्यक्तित्व को जीवंत रूप प्रदान कर रही थी।

 

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी समा बांध दिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वागत गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों का दिल जीत लिया। बच्चों की मासूमियत और उत्साह ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। इसके अलावा, विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. आंबेडकर के जीवन, उनके संघर्षों और भारतीय संविधान के निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

 

यह आयोजन न केवल डॉ. आंबेडकर के प्रति श्रद्धांजलि था, बल्कि सामाजिक एकता और समरसता का भी प्रतीक बना। किरंदुल के इस भव्य समारोह ने एक बार फिर बाबासाहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। आयोजन में शामिल सभी लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाबासाहेब के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में समानता और भाईचारे को बढ़ावा देंगे।

 

यह समारोह किरंदुल के इतिहास में एक यादगार पल के रूप में दर्ज हो गया, जो आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा।

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