*किरंदुल मुख्य बाजार की बदहाली: नगरपालिका मुख्य अधिकारी शशिभूषण महापात्र की अनदेखी पर व्यापारियों का आक्रोश*

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*किरंदुल मुख्य बाजार की बदहाली: नगरपालिका मुख्य अधिकारी शशिभूषण महापात्र की अनदेखी पर व्यापारियों का आक्रोश*

 

किरंदुल। वार्ड क्रमांक 8 स्थित मुख्य बाजार के व्यापारी और व्यापारिक संगठनों ने नगरपालिका मुख्य अधिकारी शशिभूषण महापात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक महीने से अधिक समय पहले हुई संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय को लागू न करने की लापरवाही के कारण बाजार अव्यवस्थित हो गया है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।

कुछ दिनों पूर्व नगरपालिका परिषद में किरंदुल के सभी व्यापारियों, बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ और किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स की संयुक्त बैठक नगरपालिका मुख्य अधिकारी शशिभूषण महापात्र द्वारा बुलाई गई थी। बैठक में सभी पक्षों की सहमति से फैसला लिया गया था कि बाजार के मुहाने पर एनएमडीसी द्वारा आदिवासियों के लिए निर्मित टीना शेड और सड़क को खाली किया जाएगा। कुछ व्यापारियों को चौपाटी पर तथा कुछ को बाजार के अंदर स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि मुहाना साफ-सुथरा और सुंदर बना रहे। सभी व्यापारी संघों और व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया और एक स्वर में सहमति जताई।

लेकिन बैठक के एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही फैसला लागू किया गया। किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स और बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ दोनों संगठनों का आरोप है कि नगरपालिका मुख्य अधिकारी शशिभूषण महापात्र सीधे अनदेखी कर रहे हैं। उनकी लापरवाही के कारण आज बाजार का मुहाना तिरपाल, अवैध कब्जों और अव्यवस्था से पटा पड़ा है। वहीं बाजार के अंदर भी व्यपारियों द्वारा चार पहिया दो पहिया वाहन जत ख़त खड़ी रखते है जिसके कारण बड़ी गाड़ियों की तो बात ही छोड़ दें, दो पहिया वाहनों के आने-जाने के लिए भी जगह नहीं बची है। नतीजतन आम जनता बाजार के अंदर जाना नहीं चाहती और अंदर के व्यापारी खाली बैठे रह जाते हैं। इससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ के अध्यक्ष संदीप साव ने कहा कि त्योहार के नाम पर कुछ लोग मेन रोड पर टेंट लगाकर दुकानें खोल देते हैं। इस सड़क पर भारी 14 चक्का ट्रक चलते हैं। दुकानों के कारण भीड़ लगने से बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने नगरपालिका मुख्य अधिकारी से स्पष्ट मांग की है कि सड़क पर लगने वाली दुकानों को चौपाटी और बाजार के अंदर स्थानांतरित किया जाए, बाजार के मुहाने को साफ कर सुंदर बनाया जाए तथा आम जनता को बाजार के अंदर तक आने के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि अंदर के सभी व्यापारी भाइयों का व्यापार सुचारू रूप से चल सके।

व्यापारिक संगठनों का कहना है कि बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला लागू न करना मुख्य अधिकारी की स्पष्ट लापरवाही और अनदेखी को दर्शाता है। बाजार की वर्तमान बदहाली और व्यापारियों के नुकसान के लिए वे सीधे शशिभूषण महापात्र को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। व्यापारियों की मांग है कि तत्काल कार्रवाई कर बाजार को व्यवस्थित किया जाए, अन्यथा स्थिति और बिगड़ सकती है।

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