*जिला पंचायत सदस्य सोमारु कड़ती ने विकास कार्यों का निरीक्षण कर बच्चों के भविष्य को लेकर जताई चिंता*
किरंदुल/मड़कामीरास। जिला पंचायत सदस्य सोमारु कड़ती ने हाल ही में क्षेत्र के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मड़कामीरास में बालक छात्रावास तथा विद्यानगर, किरंदुल में बालिका छात्रावास के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
कड़ती ने कहा कि आदिवासी समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पर्याप्त राशि का प्रावधान किया जाता है। इसी क्रम में हाई स्कूल स्तर के बच्चों के लिए मड़कामीरास में बालक छात्रावास और विद्यानगर, किरंदुल में बालिका छात्रावास का निर्माण कार्य कई वर्ष पहले शुरू किया गया था। लेकिन निर्माण की धीमी गति देखकर लगता है कि बच्चों को इन सुविधाओं के लिए अभी और वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चों के नाम पर सरकार पैसा स्वीकृत कर रही है, योजनाएं बन रही हैं और निर्माण कार्य शुरू हो रहे हैं, तो समय पर पूरा होना क्यों सुनिश्चित नहीं किया जा रहा? अगर किसी छात्रावास का निर्माण वर्षों तक अधूरा पड़ा रहे, तो सबसे बड़ा नुकसान दूरदराज और गरीब परिवारों के बच्चों को होता है। उन्हें मिलने वाली सुविधा, सुरक्षित आवास और बेहतर शैक्षणिक वातावरण केवल सरकारी कागजों और योजनाओं तक सीमित रह जाता है।
कड़ती ने बताया कि यह समस्या केवल इन दो स्थानों तक सीमित नहीं है। शिक्षा, छात्रावास, स्कूल भवन, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं के मामलों में कई जगहों पर यही स्थिति देखने को मिलती है। संबंधित विभागों में पर्याप्त चिंता और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय पर प्रभावी निगरानी की कमी साफ दिखाई देती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल भवन बनाने का मामला नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य का सवाल है। बच्चों के नाम पर स्वीकृत योजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी हों, निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो और संबंधित विभाग एवं अधिकारी इसकी नियमित निगरानी करें। बच्चों को उनका अधिकार कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर मिलना चाहिए।
जिला पंचायत सदस्य सोमारु कड़ती ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति या विभाग के विरोध में नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी निभाने के लिए है। उन्होंने कहा कि अब केवल योजनाएं और घोषणाएं काफी नहीं, समय पर काम और उसका ठोस परिणाम चाहिए।

