ट्रिपल इंजन सरकार का दावा करने वाली भाजपा आज जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। पिछले 6 महीनों से वृद्धजन, दिव्यांग और गरीब हितग्राहियों की पेंशन बंद पड़ी है, लेकिन सरकार के जिम्मेदार प्रतिनिधियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
जिन बुजुर्गों को दवाइयों के लिए पेंशन चाहिए, जिन दिव्यांगजनों को अपने जीवन-यापन के लिए इस राशि की जरूरत है, उन्हें भाजपा सरकार ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है। बड़े-बड़े भाषण और विकास के दावे करने वाली सरकार गरीबों का हक तक नहीं पहुंचा पा रही है।
भाजपा बताए कि 6 महीने से पेंशन नहीं मिलने की जवाबदेही किसकी है? क्या गरीबों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की समस्याएं सरकार की प्राथमिकता में नहीं हैं? चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता आज इन जरूरतमंद लोगों की सुध लेने तक नहीं पहुंच रहे हैं।
यह बेहद शर्मनाक है कि एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों का प्रचार कर रही है, वहीं दूसरी ओर हजारों जरूरतमंद लोग अपने अधिकार की पेंशन के लिए भटक रहे हैं।
भाजपा जवाब दे — 6 महीने से रुकी पेंशन का जिम्मेदार कौन है? गरीबों का हक कब मिलेगा?
गरीबों का हक मारना बंद करो, लंबित पेंशन तुरंत जारी करो!
— राजू रेड्डी
पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष
पूर्व सांसद प्रतिनिधि

