*किरंदुल नगरपालिका की मानसून तैयारियां: बसें सड़कों पर, नाले घरों में, जनता की मुसीबतें बरकरार रहेगी या स्थाई समाधान हो गया है!*

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*किरंदुल नगरपालिका की मानसून तैयारियां: बसें सड़कों पर, नाले घरों में, जनता की मुसीबतें बरकरार रहेगी या स्थाई समाधान हो गया है!*

 

दंतेवाड़ा (किरंदुल): भीषण गर्मी के बीच हल्की बारिश ने ही किरंदुल की सड़कों पर हाहाकार मचाता नजर आ रहा है। मानसून (15 जून से पहले) के आने में अब मात्र कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन किरंदुल नगरपालिका की तैयारियां सवालों के घेरे मे नजर आ रही हैं। रोजाना 70-80 बसों का आवागमन और रात्रिकालीन 30 से ज्यादा बसों के लिए निर्धारित बस स्टैंड की जगह मुख्य मार्गों पर बसें खड़ी हो रही हैं। आधे-एक घंटे की बारिश में यात्री बसें सड़कों पर अटकी रहत है।

बस चालकों की मनमानी या नगरपालिका की लापरवाही?

स्थानीय निवासियों के अनुसार, बस स्टैंड में पर्याप्त जगह है परन्तु सुविधाओं की कमी है, जिसके चलते चालक बसें आसपास की मुख्य सड़कों पर खड़ी कर देते हैं। पुरानी शिकायतें भी यही इशारा करती हैं कि बस स्टैंड की हालत बदहाल रही है—सफाई अभियान तो समय-समय पर चलते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नदारद। क्या यह बस चालकों की मनमानी है या नगरपालिका की व्यवस्था की कमजोरी? सवाल उठता है कि मानसून में भारी बारिश में ये बसें कहां खड़ी होंगी?

बाढ़ और जलभराव: पुरानी कहानी, नई मुसीबत

पिछले 2 वर्षों से किरंदुल की जनता बारिश को अभिशाप मान रही है। नालों का पानी घरों में घुस जाता है, कीड़े-मकोड़े और जहरीले जीव पानी के साथ आते हैं। 2024 में एनएमडीसी के चेक डैम के टूटने से भारी बाढ़ आई थी, जिसमें पूरा शहर प्रभावित हुआ। जिला आपदा प्रबंधन योजना में बाढ़ संवेदनशील क्षेत्रों का जिक्र है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।

नगरपालिका ने सफाई अभियान चलाए हैं, लेकिन नाले-नालियों की सफाई, ड्रेनेज सिस्टम की मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था पर सवाल बरकरार हैं। भीषण गर्मी के बीच हल्की बारिश से ही जलभराव हो रहा है तो मानसून में क्या हाल होगा—यह सोचकर स्थानीय लोग चिंतित हैं।

जनता पूछ रही है: इस बार राहत मिलेगी या मुसीबतें दोहराई जाएंगी?

किरंदुल की कुबेर नगरी की छवि खोखली नजर आ रही है। खनिज संपदा से भरपूर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी नागरिकों को सता रही है।

नगरपालिका से सवाल:

बस स्टैंड का विकास और पार्किंग की स्थायी व्यवस्था कब तक?

नालों की गहरी सफाई और ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने का प्लान क्या है?

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव की तैयारियां कितनी पूरी हैं?

समय ही बताएगा कि इस बार किरंदुलवासी पुरानी परेशानियों से मुक्त होंगे या फिर बाढ़, जलभराव और ट्रैफिक की मुसीबतें झेलनी पड़ेंगी। नगरपालिका और प्रशासन को तुरंत सक्रिय होकर जनता की शिकायतों का समाधान करना चाहिए, वरना मानसून एक बार फिर तबाही का सबब बन सकता है।

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