*दंतेवाड़ा जिले में डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। संविधान निर्माता बाबासाहेब के आदर्शों—समानता, न्याय और सामाजिक सशक्तिकरण—को याद करते हुए पूरे जिले में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें स्थानीय समितियों, एनएमडीसी कर्मचारियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।*
किरंदुल में दो दिवसीय भव्य आयोजन
13 अप्रैल 2026 की रात्रि को किरंदुल नागार्जुन बुद्ध विहार विकास समिति ने बाबासाहेब की जयंती की पूर्व संध्या पर केक काटकर जश्न मनाया। समिति के सदस्यों ने एक-दूसरे को बधाई दी और बाबासाहेब के जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
14 अप्रैल 2026 को सुबह एसटीएससी एनएमडीसी कर्मचारी कल्याण समिति की ओर से समता रैली का आयोजन किया गया। रैली बुद्ध विहार से शुरू होकर किरंदुल के मुख्य मार्गों से होती हुई अंबेडकर चौक स्थित प्रतिमा स्थल पहुंची। यहां एनएमडीसी के मुख्य अधिकारी रविंद्र नारायण और स्थानीय नागरिकों ने दीप प्रज्वलित कर बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
इसके बाद अंबेडकर पार्क स्थित राजगृह में बाबासाहेब की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें बाबासाहेब की जीवनी, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में योगदान को प्रस्तुत किया गया।
ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता
ग्राम पंचायत हीरोली के सीएएफ पुलिस कैंप में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्रामीणों को टी-शर्ट और साड़ियां वितरित की गईं। साथ ही बाबासाहेब की जीवनी से उन्हें परिचित कराया गया और बताया गया कि कैसे उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज के उत्थान और दलित-शोषित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित कर दिया।
समता और सशक्तिकरण का संदेश
ये कार्यक्रम केवल जयंती मनाने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि बाबासाहेब के विचारों—सामाजिक समानता, शिक्षा और सशक्तिकरण—को आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बने। एनएमडीसी जैसे औद्योगिक संगठन और स्थानीय समितियों का सक्रिय सहयोग दर्शाता है कि बाबासाहेब के आदर्श आज भी छत्तीसगढ़ के दूरदराज इलाकों में प्रासंगिक हैं
दंतेवाड़ा जिला प्रशासन, एनएमडीसी परिवार और स्थानीय समितियों ने बाबासाहेब को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का संचार करते हैं

