*किरन्दुल में भाजपा के 47वें स्थापना दिवस का भव्य आयोजन: सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के मंत्र के साथ पार्टी मजबूती से आगे बढ़ रही*
किरन्दुल (दantewada): भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के निर्देशानुसार किरन्दुल मंडल के सभी बूथ स्तर पर सोमवार को पार्टी का 47वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। मंडल अध्यक्ष विजय सोढ़ी, मंडल व जिला पदाधिकारियों, मोर्चा-प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं और स्थानीय मतदाताओं की भारी उपस्थिति में जनता के बीच भाजपा के संकल्प तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह और नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह के कार्यकाल में यह आयोजन विशेष रूप से विशाल और प्रेरणादायक रहा। सभी भाजपाई कार्यकर्ताओं के लिए यह दिन अत्यंत खुशी और नई ऊर्जा का स्रोत साबित हुआ। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित के मूल मंत्र को दोहराते हुए पार्टी की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर चर्चा की।
भाजपा स्थापना का ऐतिहासिक विश्लेषण: मुख्य भूमिका निभाने वाले प्रमुख नेता
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जड़ें भारतीय जनसंघ (1951) में हैं, जिसकी स्थापना डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। डॉ. मुखर्जी ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार की नीतियों, खासकर कश्मीर मुद्दे पर असहमति जताते हुए जनसंघ बनाया। वे पार्टी के प्रथम अध्यक्ष रहे और हिंदुत्व, एकात्म राष्ट्रवाद तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की मजबूत नींव रखी।
जनसंघ बाद में जनता पार्टी में विलय हो गया, लेकिन 1980 में पूर्व जनसंघ कार्यकर्ताओं ने अलग होकर नई पार्टी बनाई। 6 अप्रैल 1980 को आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। इसकी मुख्य भूमिका निभाने वाले प्रमुख नेता निम्नलिखित रहे:
अटल बिहारी वाजपेयी: भाजपा के प्रथम अध्यक्ष (1980-1986)। वे संगठन को आधुनिक रूप देने और व्यापक अपील बनाने में pivotal रहे। बाद में वे प्रधानमंत्री बने और coalitional politics में पार्टी को स्थापित किया।
लालकृष्ण आडवाणी: जनसंघ काल से ही सक्रिय, उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन जैसे बड़े जन आंदोलनों के माध्यम से पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया। पार्टी के विस्तार और विचारधारा प्रसार में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
दीनदयाल उपाध्याय: जनसंघ काल के प्रमुख विचारक, जिनके एकात्म मानववाद (Integral Humanism) का दर्शन आज भी भाजपा की नीतियों का आधार है।
अन्य प्रमुख योगदानकर्ता: नानाजी देशमुख, बालराज माधोक आदि, जिन्होंने संगठनात्मक मजबूती और ग्रामीण-जनसेवा पर फोकस किया।
इन नेताओं के समर्पण, परिश्रम और राष्ट्रसेवा की भावना से भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने राष्ट्रहित, सेवा और विकास के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। आज भाजपा सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
किरन्दुल में स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं ने इन ऐतिहासिक योगदानों को याद करते हुए वर्तमान सरकार की योजनाओं (जैसे PM किसान, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला, स्वच्छ भारत आदि) को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि शैलेंद्र सिंह और नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर भाजपा की जड़ों को और मजबूत करने वाला साबित हुआ।
सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित — इस त्रिसूत्र के साथ भाजपा निरंतर आगे बढ़ रही है और हर बूथ पर जन-जन को जोड़ने का कार्य कर रही है।
यह आयोजन न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि स्थानीय जनता को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।

