*किरंदुल नगरपालिका में आज धमाका!अस्थाई दखल शुल्क 2026-27 की विवादित निविदा खुलने जा रही, लेकिन पहले ही घोटाला! 50 रुपये की पर्ची पर 500 तक लूट का पुराना ठेकेदार राम छालीवाल + सुनील गुप्ता फिर मैदान में? मुख्य अधिकारी अब क्या करेंगे – कार्रवाई या रसूखदारों की ढाल?*
किरंदुल (बस्तर), 6 अप्रैल 2026। आज शाम 4 बजे किरंदुल नगरपालिका में अस्थाई दखल शुल्क 2026-27 की निविदा खुलने वाली है, लेकिन इससे पहले ही पूरा खेल बेनकाब हो चुका है।
पिछले कई सालों से यह निविदा हर बार विवादों में घिरी रहती है। मार्च में समय पर निविदा निकाली गई। 20 से 30 लोगों ने हिस्सा लिया। लेकिन खुलने से एक दिन पहले मुख्य अधिकारी ने अचानक निविदा निरस्त कर दी। फिर नई तारीख तय हुई – 2 अप्रैल 2026। इस बार 16 लोगों ने स्पीड पोस्ट से 4 बजे तक निविदा जमा की। शाम 5 बजे खुलनी थी, लेकिन अधिकारी अचानक बोले – “निविदा 6 अप्रैल (आज) शाम 4 बजे खुलेगी।”
पुराना खेल फिर शुरू?
पिछले वर्ष 2025-26 में राम छालीवाल ने यह निविदा हासिल की थी। लेकिन कुछ ही दिनों पहले भंडाफोड़ हो गया – आधिकारिक 50 रुपये की पर्ची पर 14 चक्का वाहनों से 100, 200, 250, 300 और 500 रुपये तक मनमानी वसूली की गई। ड्राइवरों को धमकाया गया, चाबी तक निकाल ली गई। पूरा साक्ष्य (वीडियो, ऑडियो, गवाह बयान) के साथ मुख्य अधिकारी को लिखित शिकायत कर दी गई थी। शिकायत में सीधे सुनील गुप्ता का नाम आया है – जो राम छालीवाल के सहयोगी बताए जा रहे हैं।
*अब शिकायतकर्ताओं की मांग साफ है –*
“जिन लोगों ने सरकारी पर्ची में छेड़छाड़ कर अवैध वसूली की, उन राम छालीवाल और उनके साथी सुनील गुप्ता को इस बार की निविदा में भाग लेने से रोक दिया जाए।”
*मुख्य अधिकारी पर बड़ा सवाल*
आज निविदा खुलने जा रही है। क्या मुख्य अधिकारी पिछले साक्ष्यों को देखते हुए इन दोनों को निविदा से बाहर रखेंगे? या फिर रसूखदारों के दबाव में पुराने ठेकेदार और उसके साथी को फिर से मौका देंगे?
अगर मुख्य अधिकारी ने साक्ष्य होने के बावजूद अवैध वसूली करने वालों को निविदा में शामिल होने दिया तो साफ हो जाएगा कि नगरपालिका में “अस्थाई दखल शुल्क” नहीं, “अस्थाई लूट शुल्क” का खेल चल रहा है।
*किरंदुल की जनता और बाहर से आने वाले ट्रक ड्राइवर अब इंतजार कर रहे हैं –*
आज शाम 4 बजे क्या फैसला होगा?
*कार्रवाई होगी या फिर खानापूर्ति?*
नोट: यह निविदा सिर्फ पैसे कमाने का ठेका नहीं, बल्कि किरंदुल की छवि और आम नागरिकों के हित का सवाल है। अगर मुख्य अधिकारी आज भी आँखें मूंदे रहे तो पूरा शहर जान जाएगा कि अवैध वसूली का रैकेट नगरपालिका की जानकारी या मिलीभगत के बिना नहीं चल सकता।
*किरंदुल अब देख रहा है – मुख्य अधिकारी हिलेंगे या नहीं?कार्रवाई का इंतजार… आज शाम 4 बजे का फैसला तय करेगा सब कुछ!*

