*किरंदुल में BJP में भूचाल! खबर प्रकाशित होते ही कार्यकर्ताओं में खलबली – आखिर कौन हैं वो 5-7 ‘आस्तीन के साँप’ जो कांग्रेस के साथ कुंडली मार बैठे हैं? मंडल अध्यक्ष पर सवालों की बौछार, जिलाध्यक्ष तक पहुंचा मामला!*
दंतेवाड़ा, 5 अप्रैल 2026 – शैलेंद्र सिंह की नियुक्ति वाली खबर छपते ही दंतेवाड़ा BJP में तहलका मच गया है। आम कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल था, लेकिन अब वही खबर पार्टी के अंदर भारी खलबली पैदा कर रही है। सवाल हर किसी के मुंह पर है – आखिर वो 5 से 7 कौन हैं जो BJP का चोला पहने ‘आस्तीन के साँप’ बनकर बैठे हैं? जो पार्टी की बातें कांग्रेस तक पहुंचा रहे हैं और नवनियुक्त प्रतिनिधि को हटाने के लिए गुप्त बैठकें कर रहे हैं?
सूत्रों का दावा है कि खबर वायरल होते ही BJP कार्यकर्ताओं में सनसनी फैल गई। जिला स्तर से लेकर प्रदेश के शीर्ष नेताओं तक यह मामला पहुंच चुका है। अब मंडल अध्यक्ष किरंदुल पर सवालों की बौछार हो रही है – क्या आप इन 5-7 ‘पोस्टमार्टम’ तत्वों के नाम खोलेंगे? जो बीजेपी की अंदरूनी जानकारी कांग्रेसियों तक लीक कर रहे हैं और अपनी ही पार्टी को कमजोर कर रहे हैं?
जानकार बता रहे हैं कि मंडल अध्यक्ष किरंदुल अब अपने जिले के शीर्ष नेताओं और जिलाध्यक्ष को इन नामों की जानकारी देने की तैयारी में हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिलाध्यक्ष इन ‘आस्तीन के साँपों’ को सख्ती से पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएंगे? क्या BJP हाईकमान इस आंतरिक गद्दारी पर दंडात्मक कार्रवाई करेगा और इन तत्वों को बेनकाब करेगा?
सबकी नजर अब इन सवालों पर टिकी हुई है:
मंडल अध्यक्ष नाम खोलेंगे या फिर चुप्पी साध लेंगे?
जिलाध्यक्ष ‘आस्तीन के साँपों’ को निकाल बाहर करेंगे या मामला दबा देंगे?
क्या कांग्रेस-BJP की यह जुगलबंदी टूटेगी या और मजबूत होगी?
विधायक चैतराम अटामी की लोकप्रियता और पार्टी के प्रति समर्पण को देखते हुए कार्यकर्ता अब सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किरंदुल वासी और पूरे बस्तर संभाग की नजर इस तड़कती-भड़कती खबर पर है।
अभी तक की अपडेट:
खबर छपते ही BJP में खलबली।
मंडल अध्यक्ष पर दबाव बढ़ा।
जिलाध्यक्ष स्तर तक मामला पहुंचा।
यह सियासी घमासान अभी थमा नहीं है। आगे क्या होता है – नाम खुलते हैं या छिप जाते हैं? कार्रवाई होती है या फिर सब कुछ रफ़ा-दफ़ा?
बने रहिए इस खबर पर – अगली अपडेट में नाम और कार्रवाई का खुलासा हो सकता है!

