*किरंदुल नगरपालिका के लिए अच्छी खबर! अस्थाई दखल शुल्क निविदा में धमाकेदार उछाल – 10 लाख से ज्यादा का अतिरिक्त मुनाफा*
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार 14 लाख 20 हजार रुपये की सर्वाधिक बोली, नगरपालिका की आय में बड़ी बढ़ोतरी
किरंदुल (बस्तर), 6 अप्रैल 2026। किरंदुल नगरपालिका में अस्थाई दखल शुल्क (टोल) की 2026-27 निविदा आज शाम खुली और इसमें सुखद आश्चर्य हुआ है। पिछले 4-5 वर्षों में यह निविदा औसतन 4 लाख रुपये के आसपास ही रहती आई थी, लेकिन इस वर्ष अधिकतम बोली 14 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई। दूसरी सर्वोच्च बोली 14 लाख रुपये रही।
इससे किरंदुल नगरपालिका को पिछले वर्षों की तुलना में 10 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह नगरपालिका के खाते में सीधा फायदा होगा, जो विकास कार्यों, सफाई, सड़क सुधार और अन्य नागरिक सुविधाओं पर खर्च किया जा सकेगा।
क्या है पूरा मामला?
मार्च में जारी हुई निविदा में पहले 20-30 लोगों ने भाग लिया, फिर प्रक्रिया में बदलाव के बाद 2 अप्रैल को 16 आवेदनों ने 4 बजे तक स्पीड पोस्ट से जमा किए।
निविदा आज (6 अप्रैल) शाम 4 बजे खुली।
पिछले कई वर्षों से यह ठेका 4 लाख के अंदर ही सिमटा रहता था, लेकिन 2026-27 में बोली में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली।
यह बढ़ोतरी कई कारणों से हो सकती है – जैसे किरंदुल में भारी वाहनों (खासकर 14 चक्का ट्रकों) की आवाजाही बढ़ना, खनिज क्षेत्र होने के कारण ट्रांसपोर्ट की अधिक गतिविधि, या ठेकेदारों में बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा।
नगरपालिका मुख्य अधिकारी के लिए सकारात्मक संकेत
इस बार की ऊंची बोली से साफ है कि नगरपालिका का राजस्व बढ़ रहा है। अगर यह राशि पारदर्शिता से वसूली जाए और विकास कार्यों में सही तरीके से लगाई जाए तो किरंदुल के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
हालांकि, पिछले वर्षों में इस ठेके को लेकर अवैध वसूली और विवाद की शिकायतें भी आई थीं। अब मुख्य अधिकारी पर यह जिम्मेदारी है कि:
उच्चतम बोली वाले ठेकेदार का चयन पारदर्शी तरीके से हो।
वसूली सख्ती से आधिकारिक दर (50 रुपये) के अनुसार ही हो, मनमानी न चले।
नगरपालिका का अतिरिक्त मुनाफा जनहित में खर्च हो।
किरंदुलवासियों के लिए खुशखबरी
10 लाख से ज्यादा का यह अतिरिक्त राजस्व शहर की तस्वीर बदल सकता है – बेहतर सफाई, सड़कें, पार्क या अन्य सुविधाएं। नगरपालिका अगर इस अवसर को सही ढंग से उपयोग करे तो किरंदुल की छवि भी सुधरेगी।
किरंदुल नगरपालिका की आय में उछाल – एक सकारात्मक कदम!
जनता अब उम्मीद कर रही है कि यह बढ़ा हुआ राजस्व सीधे उनके कल्याण में लगे।

