*किरंदुल में मुख्य सड़क पर बाजार का कब्जा: ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का बढ़ता खतरा*
दंतेवाड़ा, 29 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल शहर में मुख्य सड़क पर लगने वाले बाजार की बदहाल स्थिति ने स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सब्जी और फल विक्रेताओं द्वारा सड़क पर दुकानें लगाने से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या रोजमर्रा की हो गई है, बल्कि बड़े हादसों का खतरा भी मंडरा रहा है। आज की घटना ने इस समस्या की गंभीरता को और उजागर कर दिया, जब बाजार के कारण मुख्य रोड पर 30 मिनट से अधिक समय तक जाम लगा रहा, जिससे ट्रकों और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
आज की घटना का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किरंदुल का मुख्य बाजार सीधे मुख्य मार्ग पर फैल जाता है, जहां विक्रेता अपनी दुकानें सड़क के किनारे से लेकर बीच तक लगा लेते हैं। आज शाम को बाजार की भीड़ ने सड़क को इतना संकुचित कर दिया कि ट्रकों को निकलने की जगह नहीं मिली। परिणामस्वरूप, रोड पर वाहनों का जाम लग गया, जो आधे घंटे से ज्यादा समय तक चला। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “यह मार्ग इतना चौड़ा है कि सामान्य दिनों में तीन ट्रक आराम से गुजर सकते हैं, लेकिन बाजार लगने से एक ट्रक भी मुश्किल से निकल पाता है। आज तो स्थिति और खराब थी
यह समस्या सिर्फ आज की नहीं है। किरंदुल, जो खनन गतिविधियों के लिए जाना जाता है, में मुख्य सड़क बड़े वाहनों जैसे ट्रकों और मालवाहक गाड़ियों का प्रमुख रूट है। बाजार के कारण सड़क का अतिक्रमण न केवल यातायात को प्रभावित करता है, बल्कि पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों के लिए भी खतरा पैदा करता है।
समस्या का विश्लेषण: कारण और प्रभाव
मुख्य कारण: बाजार का मुख्य सड़क पर लगना प्रमुख समस्या है। सब्जी-फल विक्रेता, छोटे दुकानदार और ग्राहकों की भीड़ सड़क के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लेती है। स्थानीय प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के प्रयास कमजोर साबित हो रहे हैं, क्योंकि विक्रेताओं को वैकल्पिक जगह नहीं दी गई है। इसके अलावा, बाजार के समय पर ट्रैफिक कंट्रोल की कमी भी जाम को बढ़ावा देती है।
प्रभाव:
ट्रैफिक जाम: रोजाना घंटों का समय बर्बाद होता है, जो खासकर खनन क्षेत्र से जुड़े वाहनों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनता है। आज की तरह जाम से आपातकालीन सेवाएं जैसे एंबुलेंस भी प्रभावित हो सकती हैं।
दुर्घटनाओं का खतरा: सड़क संकुचित होने से ओवरटेकिंग या अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में हादसे की संभावना बढ़ जाती है। दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र में, जहां नक्सल प्रभावित इलाके हैं, ट्रैफिक जाम सुरक्षा जोखिम को और बढ़ा सकता है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव: स्थानीय व्यापार तो फलता है, लेकिन जाम से यात्रियों की असुविधा बढ़ती है। पर्यावरणीय रूप से भी, लंबे जाम से वाहनों का ईंधन बर्बाद होता है और प्रदूषण बढ़ता है
स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन से अपील है कि इस मुद्दे को प्राथमिकता दें, ताकि किरंदुल के निवासी सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन जी सकें। यदि यह समस्या अनदेखी रही, तो बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

