*भद्रकाली में फिर बेलगाम हुआ रेत माफिया: 40 हाइवा रोज तेलंगाना भेज रहे अवैध रेत, प्रशासन मौन*

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*भद्रकाली में फिर बेलगाम हुआ रेत माफिया: 40 हाइवा रोज तेलंगाना भेज रहे अवैध रेत, प्रशासन मौन*

बीजापुर (भोपालपटनम), 18 नवंबर। बस्तर संभाग के अंतिम छोर भद्रकाली गांव में एक बार फिर रेत माफिया ने अपना काला कारोबार शुरू कर दिया है। दिनदहाड़े दर्जनों हाइवा और ट्रक नदी से अवैध रूप से रेत निकालकर सीधे तेलंगाना की ओर रवाना हो रहे हैं। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, लेकिन खनिज विभाग और पुलिस की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।

दिनदहाड़े 40 से ज्यादा हाइवा लोडिंग में लगे

ग्रामीणों और सूत्रों के अनुसार पिछले 8-10 दिनों से भद्रकाली स्थित इंद्रावती नदी के तट पर लगातार 40 से 50 हाइवा-ट्रक रेत लोड करते दिख रहे हैं। ये वाहन बिना किसी रोक-टोक के तेलंगाना बॉर्डर पार कर हैदराबाद की ओर जा रहे हैं। एक स्थानीय किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,

“हमारे इलाके की रेत हमारे ही विकास में लगनी चाहिए, लेकिन माफिया इसे बाहर बेचकर लाखों कमा रहा है। हमारे गांव में सड़क, स्कूल, अस्पताल बनाने के लिए रेत नहीं मिलती।”

कुछ महीने पहले हुई थी कार्रवाई, फिर शुरू हुआ खेल

गौरतलब है कि इसी साल कुछ महीने पहले भद्रकाली और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की थी। अवैध रेत खनन पर रोक लगाई गई थी, भंडारित रेत जब्त की गई थी और कई वाहन सीज किए गए थे। ग्रामीणों को लगा था कि अब यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। लेकिन अब माफिया फिर सक्रिय हो गया है, वह भी पहले से ज्यादा बेखौफ होकर।

पर्यावरण और ग्रामीण जीवन पर गहरा संकट

नदी तटों का अंधाधुंध दोहन → भू-क्षरण बढ़ा

भूजल स्तर में भारी गिरावट

नदी का प्रवाह बदलने से बाढ़ का खतरा

खेतों में पानी की कमी, मछली पकड़ने का धंधा चौपट

एक बुजुर्ग महिला ने बताया, “पहले नदी में पानी रहता था, अब गड्ढे ही गड्ढे हैं। हमारे बच्चों का भविष्य खतरे में है।”

प्रशासन क्यों खामोश? मिलीभगत के आरोप

सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिन के उजाले में इतने बड़े स्तर पर अवैध परिवहन हो रहा है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग और पूर्व जनप्रतिनिधि खुलकर कह रहे हैं कि बिना खनिज विभाग और पुलिस की मिलीभगत के यह संभव नहीं है।

एक पूर्व सरपंच ने कहा, “चेकपोस्ट पर पुलिस तैनात है, लेकिन आंखें बंद कर लेती है। अगर ऊपर से दबाव या पैसा चल रहा है तो यह बहुत गंभीर बात है।”

रोजाना 500-600 टन रेत की तस्करी, लाखों का काला कारोबार

अनुमान के मुताबिक रोजाना 500 से 600 टन रेत की तस्करी हो रही है। एक हाइवा में करीब 20-25 टन रेत लदती है, यानी 40 हाइवा से एक दिन में ही 1000 टन से ज्यादा रेत बाहर जा रही है। इससे राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है और माफिया मोटी कमाई कर रहा है।

ग्रामीणों की मांग – तत्काल छापेमारी और स्थायी समाधान

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तुरंत बड़े स्तर पर छापेमारी की जाए, सभी अवैध वाहनों को जब्त किया जाए और दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। साथ ही रेत का उपयोग स्थानीय विकास कार्यों में अनिवार्य किया जाए।

फिलहाल भद्रकाली के लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब प्रशासन जागेगा और रेत माफिया पर लगाम लगेगी। लेकिन जिस तरह दिनदहाड़े हाइवा दौड़ रहे हैं, उससे लगता है कि माफिया के हौसले अभी भी बुलंद हैं और प्रशासन की नींद टूटने में अभी वक्त लगेगा।

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