*बीजापुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखें गंवाई रोशनी, स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप*

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*बीजापुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 9 मरीजों की आंखें गंवाई रोशनी, स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही के आरोप*

बीजापुर, 13 नवंबर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अस्पताल में 24 अक्टूबर को हुए मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद नौ मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई। यह गंभीर घटना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर करती है और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। प्रभावित मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम निगरानी रख रही है।

क्या हुई घटना?

जिला अस्पताल में कुल 14 मरीजों का मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था, जिनमें से नौ को गंभीर संक्रमण हो गया। इनमें एक पुरुष और आठ महिलाएं शामिल हैं, जो सभी उसुर ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों से हैं। सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने बताया कि ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद मरीजों में संक्रमण के लक्षण दिखे, जिससे हालत बिगड़ गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. बी.आर. पुजारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में छह मरीजों में हल्का संक्रमण मिला है, जबकि तीन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

डॉ. ठाकुर ने संक्रमण का कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की कमी बताया। उन्होंने कहा, “ग्रामीण परिवेश में हाइजीन बनाए रखना मुश्किल होता है, जिससे पोस्ट-ऑपरेटिव इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। फॉलो-अप में हल्की इंफेक्शन पाई गई, इसलिए मरीजों को रायपुर रेफर कर दिया गया।”

राजनीतिक बवाल और मांगें

घटना पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार गरीबों की आंखें छीनने में सफल हो गई। डबल इंजन सरकार स्वास्थ्य पर बुलडोजर चला रही है, जबकि जिला प्रशासन मूकदर्शक बना है।” राठौर ने उच्च स्तरीय जांच, प्रभावितों को तत्काल मुआवजा और दोषी डॉक्टरों-अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

विभाग का पक्ष और जांच

स्वास्थ्य विभाग ने घटना की जांच शुरू करने की घोषणा की है। फिलहाल सभी नौ मरीज मेकाहारा में भर्ती हैं। यह मामला बीजापुर में स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर कड़ी को सामने लाता है, जहां ऑपरेशन जैसे संवेदनशील प्रक्रियाओं में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो सका। जनता अब सरकार से सख्त जवाबदेही मांग रही है।

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