*किरंदुल: नगरपालिका और कोडेनार ग्राम पंचायत की लापरवाही, मंदिर जाने वाले भक्तों को गंदे नाले के पानी से गुजरने की मजबूरी*
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल नगरपालिका और कोडेनार ग्राम पंचायत की लचर व्यवस्था और लापरवाही ने स्थानीय निवासियों और मंदिर जाने वाले भक्तों के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दी है। तालाब पारा क्षेत्र में स्थित काली मंदिर और हनुमान मंदिर के रास्ते में बहने वाली गंदी और दूषित नालियों का पानी भक्तों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की ओर न तो नगरपालिका और न ही ग्राम पंचायत का ध्यान है, जबकि सत्ताधारी बीजेपी के कई शीर्ष नेता इस क्षेत्र में रहते हैं और नियमित रूप से दौरा करते हैं।
*नालियों में गंदगी, भक्तों की मजबूरी*
किरंदुल नगरपालिका के लगभग 40% वार्डों में लोग अपने घरों के शौचालयों के पाइप को सीधे नालियों से जोड़ चुके हैं, जिसके कारण नालियां गंदगी और दूषित पानी का अड्डा बन गई हैं। खास तौर पर वार्ड क्रमांक 3 और कोडेनार ग्राम पंचायत के बीच बहने वाली एक नाली की स्थिति बेहद खराब है। इस नाले का पानी काली मंदिर के पास सड़क पर फैल गया है, जिससे सड़क पर ही एक गंदा नाला बन गया है। इस रास्ते से गुजरने वाले हर व्यक्ति, चाहे वह बाजार जा रहा हो, स्कूल जा रहा हो, या फिर काली मंदिर और हनुमान मंदिर में पूजा के लिए जा रहा हो, उसे इस दूषित और बदबूदार पानी से होकर गुजरना पड़ता है। खासकर हनुमान मंदिर में रोजाना दर्जनों भक्त पूजा के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें इस गंदे नाले के पानी में पैर धोकर मंदिर तक पहुंचना पड़ता है।
*सत्ताधारी नेताओं की उदासीनता*
आश्चर्य की बात यह है कि इस क्षेत्र में बीजेपी के कई शीर्ष नेता निवास करते हैं, और जिला स्तर के नेता भी नियमित रूप से इस क्षेत्र में आते-जाते रहते हैं। किरंदुल नगरपालिका की अध्यक्ष रूबी सिंह और कोडेनार ग्राम पंचायत की सरपंच, जो दोनों बीजेपी से हैं, इस क्षेत्र में पार्टी की बैठकों में शामिल होने के लिए अक्सर आती हैं। इसके बावजूद, इस गंभीर समस्या की ओर उनका ध्यान नहीं गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये नेता अपनी लग्जरी गाड़ियों में आते-जाते हैं, जिसके कारण उन्हें पैदल चलने वालों की परेशानी का अंदाजा ही नहीं है।
*नगरपालिका और ग्राम पंचायत की लापरवाही*
किरंदुल नगरपालिका और कोडेनार ग्राम पंचायत की लापरवाही इस समस्या का प्रमुख कारण है। नालियों की नियमित सफाई न होना, अवैध रूप से शौचालयों के पाइप नालियों से जोड़े जाना, और नालियों के रखरखाव में कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। हाल ही में किरंदुल में नालियों की खराब स्थिति और गंदगी को लेकर कई खबरें सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, वार्ड नं. 7 में नाले का पानी सड़क पर बहने से निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और नगरपालिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, मांस व्यापारियों द्वारा नालियों में गंदे अवशिष्ट डालने की समस्या भी सामने आई है।
*लोगों का आक्रोश, समाधान की मांग*
स्थानीय निवासियों और भक्तों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि मंदिर जैसी पवित्र जगहों तक पहुंचने के लिए गंदे नाले के पानी से गुजरना न केवल अपमानजनक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। लोगों ने मांग की है कि नगरपालिका और ग्राम पंचायत तत्काल इस नाले की सफाई और मरम्मत करे, साथ ही शौचालयों के पाइप को नालियों से जोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
*निष्कर्ष*
किरंदुल नगरपालिका और कोडेनार ग्राम पंचायत की लापरवाही ने न केवल स्थानीय निवासियों, बल्कि काली मंदिर और हनुमान मंदिर के भक्तों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सत्ताधारी बीजेपी नेताओं की उदासीनता और लग्जरी गाड़ियों में सफर करने की उनकी आदत ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। यह समय है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस दूषित नाले की समस्या का स्थायी समाधान करें, ताकि भक्तों को पवित्र स्थानों तक पहुंचने में गंदगी का सामना न करना पड़े। क्या अब जागेगी कुम्भकर्णी नींद में सोई नगरपालिका और ग्राम पंचायत?
