*किरंदुल में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर पुलिस की सख्ती: L&T कंपनी से 6.35 लाख की चोरी, 4 आरोपी गिरफ्तार*

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*किरंदुल में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर पुलिस की सख्ती: L&T कंपनी से 6.35 लाख की चोरी, 4 आरोपी गिरफ्तार*

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों में चोरी की घटनाएं लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। ताजा मामला किरंदुल थाना क्षेत्र का है, जहां लार्सेन एंड टुब्रो (L&T) कंपनी के परिसर से 29 जुलाई 2025 को सुबह 5 बजे 203 नग ब्लू कोटेड शीट, जिनकी कीमत करीब 6,35,796 रुपये है, चोरी कर ट्रक (CG18 H 1505) में लोड कर ले जाया गया। किरंदुल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और चोरी का सामान व ट्रक बरामद कर लिया।

*पुलिस की सक्रियता और सायबर सेल की भूमिका*

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदित पुष्कर और आर के बर्मन के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी संजय कुमार यादव ने विशेष टीम गठित की। जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी विनोद यादव, जो L&T में इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रैक्टर के अधीन काम करता था, ने अपने साथियों विश्वजीत राय, दीपक दुर्गा और संजय विश्वास के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया। सायबर सेल की मदद से फरार आरोपियों का पता लगाकर उन्हें 30 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया। सभी को न्यायिक रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया गया।

*कंपनियों में चोरी की बढ़ती वारदातें*

किरंदुल जैसे औद्योगिक क्षेत्र में L&T, NMDC जैसी बड़ी कंपनियों के परिसरों में चोरी की घटनाएं आम होती जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंतरिक कर्मचारियों की मिलीभगत और सुरक्षा व्यवस्था में कमी इसके प्रमुख कारण हैं। इस घटना में भी एक कर्मचारी की संलिप्तता ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं।

*पुलिस की कार्रवाई से राहत, लेकिन समाधान की जरूरत*

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से कंपनियों और स्थानीय लोगों में राहत है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कंपनियों को अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच और निगरानी बढ़ानी होगी। पुलिस भी क्षेत्र में गश्त और सायबर निगरानी को और प्रभावी करने की योजना बना रही है।

इस ऑपरेशन में उप निरीक्षक गोल्डी भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक के. सीमाचलम, आरक्षक किर्तन नेताम, देवलाल सिदार, मकसूदन मंडावी, सोना ताती, बंटी मरकाम, पदमनाथ और सायबर सेल की टीम की सराहनीय भूमिका रही।

*निष्कर्ष*

किरंदुल में चोरी की घटनाएं औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी सहायता से इस मामले का त्वरित खुलासा हुआ, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रशासन, पुलिस और कंपनियों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।

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