*किरंदुल में अवैध शराब तस्करी पर सबसे बड़ी कार्रवाई: तस्कर राहुल सोनकर की कार न्यायालय ने किया राजसात, किरंदुल पुलिस की ऐतिहासिक सफलता*

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*किरंदुल में अवैध शराब तस्करी पर सबसे बड़ी कार्रवाई: तस्कर राहुल सोनकर की कार न्यायालय ने किया राजसात, किरंदुल पुलिस की ऐतिहासिक सफलता*

*किरंदुल, दंतेवाड़ा* – अवैध शराब तस्करों पर शिकंजा कसते हुए किरंदुल पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। अवैध शराब तस्कर राहुल सोनकर की जब्त एसेंट कार को न्यायालय ने राजसात (सरकारी संपत्ति घोषित) कर दिया है। यह दंतेवाड़ा जिले मे पुलिस के इतिहास की अब तक की सबसे कड़ी और निर्णायक कार्रवाई मानी जा रही है।

*पूरा मामला:*

दिनांक 14 अप्रैल 2025 को किरंदुल थाना प्रभारी संजय कुमार यादव को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि राहुल सोनकर निवासी चटाईपारा, किरंदुल, अवैध शराब की बड़ी खेप बेचने के इरादे से पालनार मेन रोड से एक एक्सेंट कार में परिवहन कर रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कपिल चंद्रा (रा.पु.से) के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित कर घेराबंदी की गई और संदिग्ध वाहन को रोका गया। तलाशी में कार की डिक्की से निम्न वस्तुएं बरामद हुईं:

4 पेटी बीयर (कुल 48 नग) – 31.200 लीटर, क़ीमत – ₹9,600/-

21 नग पौवा “जम्मू स्पेशल व्हिस्की” – 3.780 लीटर, क़ीमत – ₹2,520/-

कुल शराब – 34.980 लीटर, कुल बाज़ार मूल्य – ₹12,120/-

एक पुरानी एक्सेंट कार – अनुमानित मूल्य ₹3,00,000/-

इस पर आरोपी राहुल सोनकर के खिलाफ धारा 34(2) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर कार्रवाई शुरू की गई।

*⚖️ न्यायालय का बड़ा फैसला:*

विवेचना के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां शराब परिवहन में प्रयुक्त वाहन (एसेंट कार) को अपराध में संलिप्त मानते हुए न्यायालय ने वाहन को राजसात करने का आदेश दिया। यह फैसला दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल क्षेत्र में पहला उदाहरण है, जब किसी अवैध शराब तस्कर की संपत्ति को इस तरह जब्त कर सरकारी संपत्ति घोषित किया गया हो।

*🚔 पुलिस की ऐतिहासिक कार्यवाही:*

किरंदुल पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक तस्कर के विरुद्ध नहीं, बल्कि पूरे अवैध शराब नेटवर्क के लिए एक कड़ा संदेश है। लगातार अवैध शराब के कारोबार पर नज़र बनाए रखने और प्रभावी कार्यवाही के आदेशों के अनुपालन में यह कार्रवाई एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

पुलिस की कार्यशैली, सूझबूझ, त्वरित कार्रवाई और कानूनी दृढ़ता की बदौलत यह केस उदाहरण बन गया है। इस मामले ने यह सिद्ध किया है कि यदि पुलिस और प्रशासन संकल्प लें, तो अवैध कारोबारियों की रीढ़ तोड़ी जा सकती है।

*🗣️ जनता का विश्वास और प्रशंसा:*

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम न केवल कानून का प्रभाव स्थापित करता है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से भी रोकता है। यह कार्रवाई आने वाले समय में अवैध धंधों पर लगाम कसने की दिशा में एक प्रेरणा स्वरूप मानी जा रही है।

📣 निष्कर्ष:*

राहुल सोनकर जैसे तस्करों पर हुई यह सख्त कार्रवाई, न्यायालय द्वारा वाहन राजसात किया जाना और पुलिस की सक्रिय भूमिका ने किरंदुल में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रभावशीलता की एक नई मिसाल पेश की है।

यह घटना एक स्पष्ट संदेश देती है कि अवैध कारोबार करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं, और जो कानून को चुनौती देगा, उसे कड़ी सज़ा भुगतनी होंगी!

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