*हैदराबाद: एनएमडीसी की सीएसआर पहल के तहत अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम*

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*हैदराबाद: एनएमडीसी की सीएसआर पहल के तहत अनुसूचित जनजाति के बच्चों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम*

हैदराबाद, 27 जुलाई 2025: भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी, नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएमडीसी), ने अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत छत्तीसगढ़ के बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों के 500 अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिए एक परिवर्तनकारी कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीईटी), हैदराबाद के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं को प्लास्टिक और पॉलिमर प्रौद्योगिकी में तकनीकी शिक्षा पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाएगी।

इस पहल के तहत, एनएमडीसी ट्यूशन, प्रशिक्षण, आवास, भोजन और अन्य संबंधित खर्चों को पूर्ण रूप से प्रायोजित कर रही है। कार्यक्रम में मशीन ऑपरेटर (एनएसक्यूएफ लेवल IV सर्टिफिकेशन) जैसे अल्पकालिक पाठ्यक्रम शामिल हैं, जो 8वीं कक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध हैं। यह छह महीने का कोर्स 400 सीटों के साथ प्लास्टिक प्रसंस्करण, इंजेक्शन मोल्डिंग और ब्लो मोल्डिंग जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करता है।

*आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कदम*

एनएमडीसी का यह प्रयास न केवल वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है, बल्कि उन समुदायों की क्षमता को भी उजागर करता है जो भारत की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं। कंपनी का मानना है कि सच्ची प्रगति तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग समावेशी विकास का हिस्सा बने। यह कार्यक्रम शिक्षा, रोजगार योग्यता और आर्थिक लचीलापन के माध्यम से वंचित समुदायों को सशक्त बनाने की एनएमडीसी की व्यापक सीएसआर दृष्टि के अनुरूप है।

*प्रवेश प्रक्रिया और अवसर*

इस कार्यक्रम के लिए प्रवेश प्रक्रिया 20 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक खुली थी, जिसमें प्रथम आगम, प्रथम सेवा के आधार पर चयन किया गया। यह पहल अनुसूचित जनजाति के युवाओं को उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*उद्घाटन समारोह*

हैदराबाद में सीआईपीईटी में आयोजित उम्मीदवारों की विदाई समारोह में इस कार्यक्रम की शुरुआत को उत्साहपूर्वक चिह्नित किया गया। इस अवसर पर एनएमडीसी के अधिकारियों ने युवाओं को प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह समारोह न केवल एक नई शुरुआत का प्रतीक था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि एनएमडीसी सामाजिक और आर्थिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को कितनी गंभीरता से लेती है।

*एनएमडीसी की सामाजिक प्रतिबद्धता*

एनएमडीसी ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें 2018 में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी अवार्ड और 2024 में “बेस्ट पीएसयू फॉर सीएसआर इन माइनिंग एंड मिनरल्स” शामिल हैं। यह पहल न केवल स्थानीय समुदायों के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

यह कार्यक्रम न केवल अनुसूचित जनजाति के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह भारत के कौशल विकास मिशन और समावेशी विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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