*किरंदुल: एनएमडीसी लिमिटेड की सीएसआर पहल—फलदार वृक्ष वितरण के जरिए ग्रामीण विकास को बढ़ावा*
किरंदुल, 14 जुलाई 2025: राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) लिमिटेड की किरंदुल परियोजना, बीआईओएम कॉम्प्लेक्स, ने अपने सामाजिक दायित्वों को निभाते हुए एक बार फिर ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आज दिनांक 14 जुलाई 2025 को परियोजना के आसपास के गांवों में रहने वाले ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फलदार वृक्षों का निःशुल्क वितरण किया गया। यह पहल एनएमडीसी की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय समुदाय को आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया।
*एनएमडीसी का सामाजिक दायित्व: एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता*
एनएमडीसी, किरंदुल परियोजना, लंबे समय से अपने कर्मचारियों और आसपास के समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित रही है। परियोजना के अधिशासी निदेशक श्री रवींद्र नारायण के कुशल नेतृत्व और उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्रीमती के.एल.नागवेणी के मार्गदर्शन में, एनएमडीसी ने न केवल अपने कर्मचारियों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कार्य किया है, बल्कि क्षेत्रीय विकास के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, सड़क, पुल-पुलिया और आश्रम भवन निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से परियोजना ने स्थानीय ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसी क्रम में, फलदार वृक्षों का वितरण न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का भी एक प्रयास है। यह पहल स्थानीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने और दीर्घकालिक आजीविका के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
*फलदार वृक्ष वितरण: पर्यावरण और आजीविका का संगम*
14 जुलाई 2025 को आयोजित इस कार्यक्रम में परियोजना के सीएसआर विभाग ने ग्रामीणों को फलदार वृक्ष जैसे आम, अमरूद, नींबू और अन्य स्थानीय प्रजातियों के पौधे वितरित किए। इस अवसर पर सीएसआर विभाग के प्रबंधक श्री विवेक कुमार रक्शा और सिविल विभाग के प्रबंधक श्री एस.आर.गावड़े सहित कई ग्रामवासी उपस्थित थे। यह आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान करने में भी सहायक होगा।
फलदार वृक्षों का वितरण ग्रामीणों के लिए दोहरे लाभ का स्रोत है। एक ओर, ये वृक्ष पर्यावरण को हरा-भरा रखने में मदद करेंगे और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान देंगे। दूसरी ओर, इन वृक्षों से प्राप्त फल ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय का साधन बन सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, यह पहल स्थानीय समुदाय में पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ाने में भी सहायक होगी।
*ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: उत्साह और उम्मीद*
कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर सराहना की। एक स्थानीय ग्रामीण, रमेश कुमार, ने कहा, “एनएमडीसी ने हमारे गांव के लिए बहुत कुछ किया है। ये फलदार पौधे न केवल हमारे खेतों को हरा-भरा करेंगे, बल्कि हमें फल बेचकर अतिरिक्त आय भी मिलेगी। हम इसके लिए परियोजना प्रबंधन के आभारी हैं।” एक अन्य ग्रामीण महिला, लक्ष्मी बाई, ने बताया कि इन पौधों को लगाने से उनके परिवार को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और बच्चों के लिए पौष्टिक फल भी उपलब्ध होंगे।
*पर्यावरण संरक्षण में एनएमडीसी की भूमिका*
एनएमडीसी की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हाल के वर्षों में, कंपनी ने वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, जिन्दल सॉ लिमिटेड द्वारा भीलवाड़ा में 2023-24 तक 1.5 लाख से अधिक वृक्षों का रोपण किया गया था, जिसमें फलदार और छायादार पौधों का वितरण शामिल था। इसी तरह, किरंदुल परियोजना भी अपने क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
*सीएसआर के तहत अन्य पहल*
फलदार वृक्ष वितरण के अलावा, एनएमडीसी ने अपने सीएसआर कार्यक्रमों के तहत कई अन्य पहल की हैं। निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास, जैसे सड़क और पुल निर्माण, ने क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन को सुगम बनाया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा और कौशल विकास के लिए भी परियोजना ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
*भविष्य की योजनाएं*
एनएमडीसी, किरंदुल परियोजना के प्रबंधन ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। श्री विवेक कुमार रक्शा ने बताया कि परियोजना का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में और अधिक ग्रामीणों तक इस तरह की पहल को पहुंचाना है। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य न केवल पर्यावरण को संरक्षित करना है, बल्कि स्थानीय समुदाय को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। फलदार वृक्षों का वितरण इस दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।”
*निष्कर्ष*
एनएमडीसी लिमिटेड की किरंदुल परियोजना द्वारा फलदार वृक्षों का वितरण न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण समुदायों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान देता है। यह पहल कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति एनएमडीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और अन्य संगठनों के लिए एक प्रेरणा का काम करती है। इस तरह के प्रयासों से न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों का जीवन स्तर भी ऊंचा उठेगा।

