*छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 4थी जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26: शिष्य ने गुरु को दी मात, योग के प्रति बढ़ा उत्साह*

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*छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 4थी जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26: शिष्य ने गुरु को दी मात, योग के प्रति बढ़ा उत्साह*

दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़: योग को खेल के रूप में बढ़ावा देने और युवाओं को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से, दंतेवाड़ा जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (DDYSA) द्वारा 4थी जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26 का भव्य आयोजन 12 और 13 जुलाई 2025 को किरंदुल के अंबेडकर भवन, मुख्य बाजार के पास किया गया। बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स के सहयोग से आयोजित इस चैंपियनशिप में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने अपनी योग क्षमताओं का शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें एक रोमांचक मुकाबले ने सभी का ध्यान खींचा—45 से 55 वर्ष आयु वर्ग में गुरु-शिष्य की जोड़ी, प्रवाल मंडल और तुलेश्वर निषाद, के बीच हुए मुकाबले ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

*आयोजन का महत्व: योग को खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में कदम*

यह चैंपियनशिप न केवल योग को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह युवाओं और सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों को ‘खेलो इंडिया यूथ गेम्स’ और ‘राष्ट्रीय खेल’ जैसे बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। दंतेवाड़ा जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन, जो छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन (CGYSA) और योगासन भारत (YB) से संबद्ध है, ने इस आयोजन को एक ऐसे मंच के रूप में डिज़ाइन किया है, जहां प्रतिभागी अपनी योग कला को निखारकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप के लिए चयनित हो सकते हैं।

आयोजन का नारा ‘सत्यमेव जयते’ (सत्य की ही जीत होती है) योग के प्रति समर्पण, अनुशासन और सच्चाई को दर्शाता है। यह आयोजन भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त है और वर्ल्ड योगासन तथा इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के साथ सहयोगी सदस्य के रूप में जुड़ा हुआ है।

 

*रोमांचक मुकाबला: शिष्य तुलेश्वर ने गुरु प्रवाल मण्डल को दी पटखनी*

चैंपियनशिप का सबसे रोमांचक और चर्चित मुकाबला 45 से 55 वर्ष आयु वर्ग में देखने को मिला, जहां मार्शल आर्ट के गुरु प्रवाल मंडल और उनके शिष्य, योग शिक्षक तुलेश्वर निषाद, 2 प्रतिभागी ही आमने-सामने थे। इस मुकाबले ने न केवल दर्शकों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि गुरु-शिष्य की परंपरा को एक नया आयाम दिया। तुलेश्वर निषाद ने सात योगासनों में से सभी में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए अपने गुरु को करारी मात दी। दूसरी ओर, प्रवाल मंडल केवल एक योगासन में आंशिक रूप से सफल रहे और बाकी में स्वतः हार मानते हुए पीछे रह गए। इस अप्रत्याशित परिणाम ने न केवल दर्शकों को आश्चर्यचकित किया, बल्कि यह भी साबित किया कि योग में उम्र, अनुभव या पद कोई मायने नहीं रखता—केवल समर्पण और अभ्यास ही जीत की कुंजी है।

तुलेश्वर निषाद की इस जीत ने नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी मेहनत, एकाग्रता और योग के प्रति समर्पण ने साबित कर दिया कि शिष्य अपने गुरु को भी पीछे छोड़ सकता है, बशर्ते वह अनुशासित और मेहनती हो। इस मुकाबले ने दर्शकों के बीच खूब तालियां बटोरीं और योग को खेल के रूप में अपनाने के प्रति उत्साह को और बढ़ाया।

*आयु वर्ग और इवेंट्स: सभी के लिए अवसर*

चैंपियनशिप में विभिन्न आयु वर्गों के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई थीं, ताकि सभी प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का समान अवसर मिले। आयु वर्ग निम्नलिखित थे:

10+ से 14 वर्ष

14+ से 18 वर्ष

18+ से 28 वर्ष

28+ से 35 वर्ष

35+ से 45 वर्ष

45+ से 55 वर्ष

प्रत्येक आयु वर्ग में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग इवेंट्स आयोजित किए गए। व्यक्तिगत और युगल इवेंट्स में प्रतिभागियों ने अपनी योग कला का प्रदर्शन किया, जिसमें निम्नलिखित शामिल थे:

*व्यक्तिगत इवेंट्स:*

*पारंपरिक योगासन:* शारीरिक और मानसिक संतुलन को दर्शाने वाली पारंपरिक मुद्राएं।

*फॉरवर्ड बेंड:* लचीलापन और शारीरिक ताकत को परखने वाली मुद्राएं।

*बैक बेंड:* रीढ़ की मजबूती और संतुलन का प्रदर्शन।

लेग बैलेंस: एकाग्रता और शारीरिक स्थिरता को दर्शाने वाली मुद्राएं।

*ट्विस्टिंग बॉडी:* लचीलापन और मांसपेशियों की ताकत को परखने वाली मुद्राएं।

*हैंड बैलेंस:* शारीरिक शक्ति और नियंत्रण को प्रदर्शित करने वाली मुद्राएं।

*सुपाइन:* विश्राम और शारीरिक संतुलन पर केंद्रित मुद्राएं।

*आर्टिस्टिक योगासन सिंगल:* रचनात्मक और कलात्मक योग मुद्राओं का प्रदर्शन।

*युगल इवेंट्स:*

*आर्टिस्टिक योगासन पेयर:* दो खिलाड़ियों द्वारा एक साथ रचनात्मक योग मुद्राओं का प्रदर्शन।

*रिदमिक योगासन पेयर:* संगीतमय और लयबद्ध तरीके से योग मुद्राओं का प्रदर्शन।

प्रत्येक खिलाड़ी को अधिकतम तीन इवेंट्स में भाग लेने की अनुमति थी, जिसने उन्हें अपनी प्रतिभा को विविध तरीकों से प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।

*योग के प्रति बढ़ता उत्साह और भविष्य की संभावनाएं*

यह चैंपियनशिप दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र में योग के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रतीक है, जो एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। हाल के वर्षों में, दंतेवाड़ा ने शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस आयोजन ने न केवल स्थानीय युवाओं को प्रेरित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि योग एक ऐसा माध्यम हो सकता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करता है।

तुलेश्वर निषाद की जीत ने यह संदेश दिया कि योग में कोई सीमा नहीं है। उनकी सफलता नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा है, जो यह दर्शाती है कि मेहनत और लगन से कोई भी अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकता है। इस चैंपियनशिप ने यह भी साबित किया कि दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्रों में खेल और योग के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, और यह क्षेत्र अब केवल चुनौतियों के लिए नहीं, बल्कि अवसरों और उपलब्धियों के लिए भी जाना जाएगा।

*आयोजकों और सहयोगियों का योगदान*

दंतेवाड़ा जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन और बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स के सहयोग से इस आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। आयोजकों ने प्रतिभागियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की, जिसमें प्रशिक्षित रेफरी, योग विशेषज्ञ और स्वयंसेवकों की टीम शामिल थी। इस आयोजन ने स्थानीय समुदाय को एकजुट करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

*भविष्य की राह*

इस चैंपियनशिप के विजेताओं को अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जहां वे दंतेवाड़ा का नाम रोशन कर सकते हैं। विशेष रूप से, तुलेश्वर निषाद जैसे प्रतिभागियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी इस जीत को एक प्रेरणा के रूप में उपयोग करेंगे और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।

*निष्कर्ष*

4थी जिला योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025-26 ने दंतेवाड़ा में योग के प्रति उत्साह को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। तुलेश्वर निषाद की गुरु पर जीत ने न केवल दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि यह भी साबित किया कि योग एक ऐसा खेल है, जो सभी उम्र और पृष्ठभूमि के लोगों को एक मंच पर ला सकता है। यह आयोजन न केवल खेल की भावना को बढ़ावा देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र अब प्रगति और सकारात्मक बदलाव के प्रतीक बन रहे हैं।

आयोजक: दंतेवाड़ा जिला योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन

सहयोगी: बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स

स्थान: अंबेडकर भवन, किरंदुल, दंतेवाड़ा

तारीख: 12-13 जुलाई 2025

यह आयोजन निश्चित रूप से दंतेवाड़ा के युवाओं और योग प्रेमियों के लिए एक यादगार पल बन गया, जो भविष्य में और भी बड़े मंचों पर अपनी छाप छोड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

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