*बड़े बचेली में कचरा प्रबंधन की लापरवाही, वार्ड 8 में सड़कों पर जमा कचरा बना स्वास्थ्य के लिए खतरा*
बड़े बचेली, 06 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के बड़े बचेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 8 (पूर्व में वार्ड 10) में कचरा प्रबंधन और नालियों की सफाई की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा नालियों से निकाला गया कचरा सड़कों और गलियों में जगह-जगह जमा कर छोड़ दिया गया है, जिसका पिछले चार दिनों से उठाव नहीं हुआ। इस कचरे में मक्खियां और अन्य संक्रामक बैक्टीरिया पनप रहे हैं, जो क्षेत्र में संचारी रोगों का खतरा बढ़ा रहे हैं।
*स्थानीय लोगों की चिंता*
वार्ड 8 के निवासियों का कहना है कि नालियों की सफाई के दौरान निकाला गया कचरा सड़कों पर ही छोड़ दिया जाता है। बारिश के मौसम में यह कचरा पानी के साथ बहकर नालियों में वापस चला जाता है, जिससे जल निकासी की समस्या और गंभीर हो रही है। एक स्थानीय निवासी, रमेश साहू ने बताया, “चार दिन पहले सफाई कर्मचारियों ने नालियों से कचरा निकाला, लेकिन उसे सड़क किनारे ही छोड़ दिया। अब मक्खियां और बदबू से मोहल्ले में रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति खतरनाक है।”
*स्वास्थ्य पर खतरा*
जमा कचरे में मक्खियों और बैक्टीरिया के पनपने से डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, गीले कचरे में मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, और यदि समय पर कचरे का निस्तारण नहीं किया गया तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
*नगर पालिका की लापरवाही*
नगर पालिका द्वारा कचरा उठाव और नालियों की नियमित सफाई के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सफाई अभियान केवल कागजों तक सीमित है। एक अन्य निवासी, सुनीता देवी ने कहा, “नगर पालिका बारिश से पहले नालियों की सफाई का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है।”
*पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी शिकायतें*
यह पहली बार नहीं है जब बड़े बचेली में कचरा प्रबंधन को लेकर सवाल उठे हैं। हाल के वर्षों में कई बार स्थानीय समाचार पत्रों ने इस मुद्दे को उजागर किया है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी, जहां नालियों की सफाई के बाद कचरे को सड़कों पर छोड़ दिया गया, जिससे जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ गई थी।
*नगर पालिका की जिम्मेदारी*
भारत के संविधान के 74वें संशोधन (1992) के तहत नगर पालिकाओं को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बावजूद, बड़े बचेली नगर पालिका इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रही है। निवासियों ने मांग की है कि कचरे के नियमित उठाव के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था की जाए, जैसा कि अन्य शहरों में लागू है।
*आगे की राह*
स्थानीय प्रशासन को इस समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए। कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं:
*1:-नियमित कचरा उठाव:* नगर पालिका को कचरा संग्रहण के लिए नियमित समय-सारिणी बनानी चाहिए।
*2:-कचरा निस्तारण केंद्र:* गीले और सूखे कचरे के निस्तारण के लिए कंपोस्ट किट और रीसाइक्लिंग केंद्र स्थापित किए जाएं।
*3:-जागरूकता अभियान:* नागरिकों को कचरा प्रबंधन और नालियों में कचरा न फेंकने के लिए जागरूक किया जाए।
*4:-सख्त कार्रवाई:* कचरा प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाए, जैसा कि झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 के तहत प्रावधान है।
*निष्कर्ष*
बड़े बचेली के वार्ड 8 में कचरा प्रबंधन की खराब स्थिति न केवल स्थानीय निवासियों के लिए असुविधा का कारण है, बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य संकट को भी जन्म दे सकती है। नगर पालिका को तत्काल प्रभाव से कचरा उठाव और नालियों की सफाई के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। साथ ही, नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है।

