*किरंदुल: वार्ड नं. 6 के अधूरे पुल ने बढ़ाई आधे शहर की मुसीबत, ठेकेदार की लापरवाही और नगरपालिका की उदासीनता पर सवाल*
किरंदुल, 30 जून 2025: छत्तीसगढ़ के किरंदुल शहर के वार्ड नंबर 6 में दो महीने से निर्माणाधीन छोटा सा पुल अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। ठेकेदार की लापरवाही और नगरपालिका की सुस्त कार्यशैली ने आधे किरंदुल को मुश्किल में डाल दिया है। वार्ड नंबर 6 और 7 के बीच बना यह पुराना पुल बारिश में बह जाता था, जिसके चलते नगरपालिका ने 28 अप्रैल 2025 को बीजापुर के एक ठेकेदार को नया पुल बनाने का जिम्मा सौंपा। लेकिन धीमी गति और लापरवाही ने इस छोटे से प्रोजेक्ट को एक बड़ी समस्या में बदल दिया।
*पुल की ऊंचाई और अधूरी मिट्टी भराई बनी मुसीबत*
20 मई तक पुल का निर्माण तो पूरा हो गया, लेकिन पुल की ऊंचाई सड़क से करीब एक मीटर अधिक होने के कारण इसके दोनों तरफ मिट्टी भराई जरूरी थी। मई और जून बीत जाने के बाद भी ठेकेदार ने गर्मी और धूप का बहाना बनाकर मिट्टी भराई का काम शुरू नहीं किया। जब स्थानीय लोगों ने ठेकेदार के सुपरवाइजर से सवाल किया, तो जवाब मिला कि “गाड़ी की सुविधा नहीं है।” बारिश शुरू होने के बाद ठेकेदार ने भारी बारिश में चिकनी मिट्टी डाल दी, जो अब दलदल में तब्दील हो चुकी है। इस फिसलन भरे रास्ते पर कई लोग गिर चुके हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बाजार जाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
*आधा किरंदुल प्रभावित, स्कूल और बाजार का रास्ता मुश्किल*
यह पुल वार्ड नंबर 1, 2, 3, 4, 5 6 7 8 9 10 11 15 16 17 और 18 के निवासियों के लिए बाजार और स्कूल जाने का प्रमुख रास्ता है। अधूरी मिट्टी भराई और दलदल के कारण स्कूली बच्चे और स्थानीय लोग इस रास्ते से सुरक्षित गुजर नहीं पा रहे। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो गया है। बारिश में यह रास्ता कीचड़ से भरा रहता है, और लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं।”
*नगरपालिका की उदासीनता और रिश्वत के आरोप*
स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को पार्षद और नगरपालिका अधिकारियों के सामने उठाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही और कार्य मे लापरवाही शासकीय मापदंड के अनुरूप कार्य नहीं हुआ है इसके पीछे नगरपालिका की मिलीभगत हो सकती है। एक स्थानीय निवासी, शांति देवी ने गुस्से में कहा, “क्या ठेकेदार द्वारा रिश्वत देने के कारण नगरपालिका आधे किरंदुल की परेशानी को नजरअंदाज कर रही है? हमारी शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।”
*ठेकेदार की लापरवाही का इतिहास*
यह पहली बार नहीं है जब किरंदुल में ठेकेदार की लापरवाही सामने आई हो। पहले भी दंतेवाड़ा-किरंदुल सड़क निर्माण में देरी और खराब गुणवत्ता की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अक्टूबर 2024 में ग्रामीणों ने धीमे निर्माण कार्य के खिलाफ चक्काजाम किया था, जिसके बाद ठेकेदार ने लिखित आश्वासन दिया था कि काम तेज किया जाएगा। लेकिन वार्ड नंबर 6 के इस पुल के मामले में भी वही लापरवाही दोहराई जा रही है।
*ग्रामीणों की मांग और संभावित समाधान*
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि नगरपालिका तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करे, ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करे और मिट्टी भराई का काम जल्द पूरा करवाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि बारिश में भी रास्ता सुरक्षित रहे। निवासियों ने यह भी सुझाव दिया कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
*नगरपालिका का रवैया*
नगरपालिका अधिकारियों से जब इस बारे में संपर्क किया गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार को कई बार नोटिस जारी किया गया है, लेकिन कार्रवाई में देरी की वजह प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं।
*निष्कर्ष*
किरंदुल के वार्ड नंबर 6 का यह छोटा सा पुल अब आधे शहर के लिए सिरदर्द बन चुका है। ठेकेदार की लापरवाही, नगरपालिका की उदासीनता और रिश्वत के गंभीर आरोपों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो बारिश के मौसम में स्थिति और बिगड़ सकती है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर लौट सके।
क्या नगरपालिका और ठेकेदार अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, या आधा किरंदुल इस दलदल में फंसकर और परेशान होगा? यह सवाल अब सबके मन में है।

