*विश्व योग दिवस 2025: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प*

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*विश्व योग दिवस 2025: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के साथ हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प*

*दिनांक: 21 जुलाई 2025,*

 शनिवार21 जुलाई 2025 को विश्व योग दिवस के अवसर पर देशभर में योग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस वर्ष, योग की थीम “हरित योग: प्रकृति के साथ संनाद” के साथ पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया। इसी कड़ी में, नगर पालिका क्षेत्र में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय नेताओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस अभियान का उद्देश्य धरती पर हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ माँ और धरती माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करना था।”

*एक पेड़ माँ के नाम” अभियान: भावनात्मक और पर्यावरणीय जुड़ाव”*

एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2024 में विश्व पर्यावरण दिवस पर की गई थी, अब एक जन आंदोलन बन चुका है। इस अभियान के तहत हर व्यक्ति को अपनी माँ या धरती माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जाता है। 2025 तक, इस अभियान के तहत देशभर में 150 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विश्व योग दिवस 2025 के अवसर पर, इस अभियान को योग के समग्र दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया, जो मन, शरीर और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने पर जोर देता है। योग के सिद्धांत जैसे अहिंसा, करुणा और प्रकृति के प्रति सम्मान इस अभियान के मूल में हैं, जो लोगों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाते हैं।

*नगर पालिका में वृक्षारोपण और संकल्प*

नगर पालिका क्षेत्र में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष रूबी सिंह ने नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “माँ का स्थान हर व्यक्ति के जीवन में सर्वोपरि होता है। जिस तरह माँ हमें जीवन और पोषण देती है, उसी तरह धरती माँ हमें जीवन का आधार प्रदान करती है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम अपनी माँ और धरती माँ दोनों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त कर रहे हैं।”

रूबी सिंह ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, आसपास की खाली जमीन, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। उन्होंने कहा, “पेड़-पौधे वायुमंडल का संतुलन बनाए रखते हैं और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पेड़ लगाए और उसे जीवित रखने का संकल्प ले।”

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष विजय सोढ़ी, महामंत्री विक्रम नाहक, मोहित धवन, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष नजमुल हक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह, शालिनी कर्मा, सदानंद साहू, सरस्वती डहरिया, बनमाली हरिजन, ज्योत्सना स्वाइन, राजेश्वरी बेहरा, एम. सिंधु, सुखदेव पोयम सहित कई पार्षद और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने सामूहिक रूप से पौधे रोपे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

*योग और पर्यावरण का संगम*

विश्व योग दिवस के इस अवसर पर, सामूहिक योग सत्र भी आयोजित किए गए, जिसमें स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों और समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। योग सत्र में कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का पालन किया गया, जिसमें प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और ध्यान जैसे अभ्यास शामिल थे। योग विशेषज्ञों ने बताया कि योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित करता है।

कार्यक्रम में मौजूद मंडल अध्यक्ष विजय सोढ़ी ने कहा, “योग और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। योग हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देता है, जबकि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान हमें धरती को हरा-भरा रखने का अवसर देता है।”

*स्थानीय समुदाय की भागीदारी*

वृक्षारोपण कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। स्कूली बच्चों ने अपने माता-पिता और दादा-दादी के साथ मिलकर पौधे लगाए। प्रत्येक पौधे पर एक क्यूआर कोड और नाम पट्टिका लगाई गई, ताकि पौधे की देखभाल और उसकी प्रगति को ट्रैक किया जा सके। यह पहल डिजिटल तकनीक के उपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम है।

स्थानीय निवासी राजेश्वरी बेहरा ने कहा, “मैंने अपनी माँ के नाम पर एक नीम का पौधा लगाया है। यह मेरे लिए बहुत भावनात्मक क्षण है। मैं इस पौधे की देखभाल करूंगी और इसे बड़ा होते देखना मेरे लिए गर्व की बात होगी।”

*पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियां और समाधान*

कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण से संबंधित चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। बढ़ते शहरीकरण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण धरती का पारिस्थितिकी तंत्र संकट में है। रूबी सिंह ने कहा, “पेड़ लगाना केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि यह जलवायु परिवर्तन से निपटने का एक ठोस उपाय है। हमें सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचना होगा, जल संरक्षण को बढ़ावा देना होगा और सात्विक जीवनशैली अपनानी होगी।”

उन्होंने स्थानीय प्रशासन की ओर से नर्सरियों के माध्यम से मुफ्त पौधे उपलब्ध कराने की घोषणा की और लोगों से अपील की कि वे फलदार और छायादार पेड़ों को प्राथमिकता दें।

*भविष्य की योजनाएं*

नगर पालिका प्रशासन ने इस अभियान को वर्षभर चलाने का निर्णय लिया है। रूबी सिंह ने बताया कि 30 सितंबर 2025 तक क्षेत्र में 10,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्कूलों में इको क्लबों को सक्रिय किया जाएगा और सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि हमारा क्षेत्र हरा-भरा और प्रदूषण-मुक्त बने। इसके लिए हम वन विभाग, उद्यान विभाग और स्थानीय संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे।”

*निष्कर्ष* विश्व योग दिवस 2025 का यह आयोजन न केवल योग के प्रति जागरूकता फैलाने में सफल रहा, बल्कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ। नगर पालिका अध्यक्ष रूबी सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में यह कार्यक्रम एक मिसाल बन गया है कि सामूहिक प्रयासों से समाज और प्रकृति दोनों का कल्याण संभव है।

यह अभियान हमें याद दिलाता है कि माँ और धरती माँ के प्रति हमारा कर्तव्य केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक भी है। प्रत्येक पेड़ जो हम लगाते हैं, वह न केवल हमारी माँ के प्रति श्रद्धांजलि है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और हरे-भरे भविष्य की नींव भी है।

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