*दंतेवाड़ा पुलिस की बड़ी कामयाबी: डिजिटल अरेस्ट केस में गुजरात से तीन साइबर ठग गिरफ्तार, 28 लाख की ठगी का खुलासा*
दंतेवाड़ा, 20 जून 2025: दंतेवाड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। किरंदुल थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में गुजरात के जामनगर से तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इन अपराधियों ने किरंदुल के एक एनएमडीसी कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 28 लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स का उपयोग कर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता पाई।
*मामले का विवरण*
30 मई 2025 की शाम करीब 7:45 बजे, किरंदुल निवासी एक एनएमडीसी कर्मचारी को व्हाट्सएप कॉल के जरिए साइबर ठगों ने निशाना बनाया। ठगों ने दावा किया कि मुंबई में पीड़ित के नाम से एक बैंक खाता खोला गया है, जिसके जरिए अवैध लेनदेन हुआ है। इसके आधार पर उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने की बात कहकर पीड़ित को डराया गया। अपराधियों ने पीड़ित को मामले को “सेटल” करने के लिए 28 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। डर के मारे पीड़ित ने राशि ट्रांसफर कर दी। बाद में ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने किरंदुल थाने में शिकायत दर्ज कराई।
थाना किरंदुल में अपराध क्रमांक 28/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111, 318 और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की।
*पुलिस की त्वरित और तकनीकी कार्रवाई*
दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में साइबर ठगी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजनाला स्मृतिक, पूजा कुमार, आर.के. बर्मन और एसडीओपी बारसूर कपिल चंद्रा के मार्गदर्शन में साइबर सेल के नोडल अधिकारी ठाकुर गौरव सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन एनालिसिस और साइबर फॉरेंसिक टूल्स का उपयोग किया। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने जामनगर, गुजरात में आरोपियों की पहचान की। निरीक्षक विमल रॉय के नेतृत्व में एक टीम ने अथक प्रयासों के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
*गिरफ्तार आरोपियों के नाम*
*1:-आफताब समा (पिता: ताज मोहम्मद, उम्र: 24 वर्ष)*
*2:-किशन वाढेर (पिता: प्राण जीवन भाई, उम्र: 24 वर्ष)*
*3:-पारिया अजय (पिता: प्रवीण भाई, उम्र: 24 वर्ष)*
गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में जमा राशि को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, मामले में अन्य संलिप्त अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम अन्य राज्यों में रवाना की गई है।
*पुलिस की सतर्कता और जनजागरूकता*
दंतेवाड़ा पुलिस लगातार स्थानीय नागरिकों और ग्रामीणों के बीच साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता अभियान चला रही है। लोगों को बैंकिंग फ्रॉड, साइबर ठगी, पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर धोखाधड़ी और मोबाइल ओटीपी या लिंक शेयर न करने की सलाह दी जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
*कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम*
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक विमल रॉय, उपनिरीक्षक हेमशंकर गुनेंद्र, उपनिरीक्षक गोल्डी भारद्वाज, सहायक उपनिरीक्षक प्रशांत सिंह, आरक्षक अजीत नरेटी और आरक्षक देवलाल सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
*पुलिस अधीक्षक का बयान*
पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कहा, “साइबर अपराध आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। हमारी टीम ने तकनीकी विशेषज्ञता और समर्पण के साथ इस मामले में त्वरित कार्रवाई की। हम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे अनजान कॉल्स या लिंक्स पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।”
*आगे की कार्रवाई* पुलिस ने जब्त दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। अन्य संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए दंतेवाड़ा पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि दंतेवाड़ा पुलिस साइबर ठगी के खिलाफ कठोर कदम उठाने को तैयार है।
दंतेवाड़ा पुलिस की इस उपलब्धि ने न केवल पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता और तकनीकी दक्षता का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है।




