*किरंदुल: साप्ताहिक बाजार में पार्किंग की समस्या और हादसों का खतरा, गांधीनगर हाट बाजार की अनदेखी*
छत्तीसगढ़ के किरंदुल शहर में मुख्य बाजार की साप्ताहिक हाट, जो हर बुधवार और रविवार को सुबह से शाम तक लगती है, स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीणों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। खासकर सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक बाजार में भारी भीड़ रहती है, जिसके चलते वाहन पार्किंग की समस्या गंभीर हो गई है। मुख्य मार्ग पर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों और भारी वाहनों जैसे 14 चक्का ट्रकों के आवागमन के कारण आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। इस समस्या ने न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि आसपास के गांवों से सब्जियां और अन्य सामान बेचने आने वाले ग्रामीणों को भी परेशान कर रखा है।
*पार्किंग की समस्या और एनएमडीसी का फैसला*
हाल ही में एनएमडीसी प्रबंधन ने अपनी कॉलोनी में बने पार्किंग स्थल में वाहनों को खड़ा करने पर रोक लगा दी है। इस निर्णय के बाद लोग मजबूरन मुख्य सड़क पर अपनी गाड़ियां खड़ा कर रहे हैं, जिससे यातायात अवरुद्ध हो रहा है और हादसों का जोखिम बढ़ गया है। सड़क पर बेतरतीब खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहन बाजार की भीड़ को और जटिल बना रहे हैं। स्थानीय निवासी और ग्रामीण दोनों इस समस्या से त्रस्त हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा।
*गांधीनगर हाट बाजार: एक अनदेखा समाधान*
किरंदुल में करोड़ों की लागत से बना गांधीनगर हाट बाजार वर्षों से खाली पड़ा है। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह के कार्यकाल में निर्मित यह हाट बाजार आज भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह, जो शैलेंद्र सिंह की पत्नी हैं, के पास यह सुनहरा अवसर है कि वे इस हाट बाजार को पुनर्जनन देकर अपने पति के सपनों को साकार करें और किरंदुल की जनता को राहत दिलाएं। गांधीनगर हाट बाजार को व्यवस्थित रूप से उपयोग में लाने से न केवल पार्किंग की समस्या हल हो सकती है, बल्कि ग्रामीणों को भी अपनी उपज बेचने के लिए उचित स्थान मिल सकता है।
*किरंदुल बाजार में पार्किंग और भीड़ की समस्या: इंटूक सचिव और पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने जताई चिंता*
इंटूक सचिव ए.के. सींग ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए कहा, “किरंदुल के निवासियों के लिए यह एक बहुत बड़ी परेशानी है। बाजार में गाड़ियों के अव्यवस्थित पार्किंग से न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि यह हादसों का कारण भी बन सकता है। हम एन.एम.डी.सी. अधिकारियों के साथ चर्चा कर गाड़ियों के लिए उचित पार्किंग स्थल की व्यवस्था करने का प्रयास करेंगे।”
वहीं, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अमरीक सींग ने किरंदुल की बढ़ती आबादी और बाजार की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “किरंदुल बाजार में बढ़ती भीड़ और आसपास के ग्रामीणों द्वारा सड़क किनारे सब्जियां बेचने की प्रथा से स्थिति और जटिल हो गई है। कई ग्रामीण आधा घंटा के लिए सड़क पर बैठते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इसके अलावा, लोग सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जो किसी बड़े हादसे का इंतजार है। इस गंभीर मुद्दे का समाधान करने के लिए नगरपालिका, एन.एम.डी.सी. और नगर के जनप्रतिनिधियों को मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।”
*ग्रामीणों की पीड़ा: जगह की कमी*
आसपास के गांवों से सब्जियां और अन्य सामान बेचने आने वाले ग्रामीणों को भी बाजार में जगह नहीं मिल रही। एक ग्रामीण, भीमा कुंजाम, ने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा, “हमें बाजार में बैठने की जगह नहीं मिलती। दुकानदार हमें अपनी दुकानों के सामने बैठने से मना करते हैं। जो थोड़ी-सी जगह मिलती है, उसमें बैठ जाते हैं। लेकिन अब सड़क पर गाड़ी खड़ा करने की जगह भी नहीं है, हम कहां जाएं?”
*समाधान की दिशा में कदम*
किरंदुल की इस जटिल समस्या के समाधान के लिए एनएमडीसी, नगरपालिका, पुलिस प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। गांधीनगर हाट बाजार को पुनर्जनन देना एक व्यवहारिक समाधान हो सकता है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
*1:-गांधीनगर हाट बाजार का पुनरुद्धार:* इस बाजार को व्यवस्थित रूप से शुरू कर ग्रामीणों और स्थानीय विक्रेताओं के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाए।
*2:-पार्किंग व्यवस्था:* एनएमडीसी कॉलोनी में पार्किंग की अनुमति दोबारा शुरू करने या वैकल्पिक पार्किंग स्थल विकसित करने पर विचार किया जाए।
*3:-यातायात प्रबंधन:* पुलिस प्रशासन द्वारा बाजार के समय यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए, ताकि भारी वाहनों और दोपहिया वाहनों के बीच टकराव कम हो।
*4:-जागरूकता अभियान:*
स्थानीय लोगों और ग्रामीणों को व्यवस्थित पार्किंग और बाजार नियमों के प्रति जागरूक किया जाए।
*निष्कर्ष* किरंदुल का साप्ताहिक बाजार न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह आसपास के ग्रामीणों के लिए आजीविका का साधन भी है। लेकिन पार्किंग की कमी और बेतरतीब यातायात व्यवस्था इस बाजार को खतरे का पर्याय बना रही है। गांधीनगर हाट बाजार जैसे संसाधनों का उपयोग कर और सामूहिक प्रयासों से इस समस्या का समाधान संभव है। नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों के पास यह अवसर है कि वे किरंदुल की जनता को इस परेशानी से निजात दिलाएं और शहर के विकास में एक नया अध्याय जोड़ें।






