*किरंदुल: 15 साल से अधूरा पड़ा है एशिया का सबसे महंगा ओवर ब्रिज, लोगों को राहत का इंतजार*

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किरंदुल (छत्तीसगढ़): एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) द्वारा पिछले 15 साल से अधिक समय से बनाया जा रहा ओवर ब्रिज आज भी अधूरा पड़ा है। इस ओवर ब्रिज को लागत और समय के लिहाज से एशिया का सबसे महंगा ओवर ब्रिज माना जा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय में इस परियोजना को पूरा किया जा सकता था, लेकिन निर्माण कार्य की सुस्त गति ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है।वर्षों से किरंदुल के निवासी इस ओवर ब्रिज के पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में, रेलवे लाइन पार करने के लिए लोगों को 2 से 3 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि इस ओवर ब्रिज के बन जाने के बाद यह दूरी महज 100 मीटर रह जाएगी।

यह अधूरी परियोजना न केवल समय और धन की बर्बादी का प्रतीक बन गई है, बल्कि लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी का कारण भी बनी हुई है।स्थानीय निवासी रमेश साहू ने बताया, “हम हर दिन इस उम्मीद में जीते हैं कि शायद अब यह ब्रिज पूरा हो जाए, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती है। चक्कर लगाने से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।” एक अन्य नागरिक ने कहा, “इतने सालों में तो कई ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो सकते थे, लेकिन यहां तो काम शुरू होने के बाद भी कोई प्रगति नजर नहीं आती।”

 

एनएमडीसी के अधिकारियों से इस बारे में बार-बार जवाब मांगा गया, लेकिन निर्माण में देरी के कारणों पर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इस ओवर ब्रिज की लागत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इतने लंबे समय तक चलने वाली इस परियोजना में अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं।

 

लोगों का कहना है कि अगर यह ओवर ब्रिज जल्द पूरा नहीं हुआ, तो उनकी परेशानियां और बढ़ेंगी। प्रशासन और एनएमडीसी से मांग की जा रही है कि इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जाए और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि किरंदुल के लोगों को इस लंबे इंतजार से राहत मिल सके।

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