किरंदुल बिग ब्रेकिंग: एनएमडीसी SP-3 प्लांट में एलएंडटी-एआरडी मजदूरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, केंद्र सरकार की नई VDA दरों की मांग पर अड़े सैकड़ों श्रमिक – उत्पादन ठप, वार्ता में गतिरोध!
किरंदुल (दंतेवाड़ा), 15 अप्रैल 2026: एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के SP-3 नए प्लांट में ठेकेदार एलएंडटी और एआरडी के सैकड़ों मजदूरों द्वारा चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल आज तीसरे दिन भी पूरी ताकत से जारी है। मजदूर अपनी मांगों पर पूरी तरह अडिग हैं और स्पष्ट चेतावनी दे चुके हैं — “जब तक केंद्र सरकार द्वारा जारी नई न्यूनतम मजदूरी दरें लागू नहीं होतीं, हड़ताल नहीं खत्म होगी।”
मजदूरों की मुख्य मांग है कि कंपनी भारत सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) के दिनांक 30 मार्च 2026 के आदेश (फाइल संख्या 1/6(3)/2025 – एलएस-11) को लागू करे। इस आदेश में 01 अप्रैल 2026 से निर्माण कार्यों (भवन निर्माण, भूमिगत केबल, बिजली लाइन, जल आपूर्ति आदि) में कार्यरत कर्मचारियों के लिए परिवर्ती महंगाई भत्ता (VDA) में संशोधन किया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार नई दरें (VDA सहित दैनिक न्यूनतम मजदूरी):
अकुशल: ‘क’ क्षेत्र – 827 रुपये | ‘ख’ क्षेत्र – 693 रुपये | ‘ग’ क्षेत्र – 556 रुपये
अर्ध-कुशल: ‘क’ क्षेत्र – 918 रुपये | ‘ख’ क्षेत्र – 781 रुपये | ‘ग’ क्षेत्र – 650 रुपये
कुशल/लिपिकीय: ‘क’ क्षेत्र – 1008 रुपये | ‘ख’ क्षेत्र – 918 रुपये | ‘ग’ क्षेत्र – 781 रुपये
अति कुशल: ‘क’ क्षेत्र – 1094 रुपये | ‘ख’ क्षेत्र – 1008 रुपये | ‘ग’ क्षेत्र – 918 रुपये
(नोट: VDA को अगले उच्चतर रुपये में पूर्णांकित किया गया है। क्षेत्र वर्गीकरण केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार।)
मजदूरों का आरोप है कि कंपनी अभी भी पुरानी कम दरों (लगभग 400-500 रुपये दिहाड़ी) पर 12 घंटे की शिफ्ट करवा रही है, जबकि केंद्र सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से नई बढ़ी हुई दरें लागू कर दी हैं।
कंपनी का पक्ष: एनएमडीसी किरंदुल क्षेत्र ‘ग’ श्रेणी (C Category) में आता है। कंपनी ने मजदूरों से वार्ता में हामी भरी है कि वे अपनी ओर से c केटेगरी का दर देने को तैयार है, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जारी पूर्ण VDA दरों को लागू करना असंभव है।
मजदूरों का रुख: वे किसी समझौते को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है — “हम केंद्र शासन के आदेश a केटेगरी की मांग कर रहे हैं, कंपनी की मनमानी नहीं। 8 घंटे का काम और सम्मानजनक मजदूरी हमारा अधिकार है।”
आज धरना स्थल पर एनएमडीसी के कुछ अधिकारी जरूर पहुंचे, साथ ही एलएंडटी के अधिकारी मौजूद रहे मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वे नारेबाजी के साथ चेतावनी दे रहे हैं कि आंदोलन और तेज होगा।
परिणाम: SP-3 प्लांट का पूरा निर्माण कार्य ठप पड़ा है। इससे एनएमडीसी को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और परियोजना में देरी बढ़ गई है।
स्थानीय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अगर तुरंत उच्च स्तरीय वार्ता नहीं हुई तो हड़ताल लंबी खिंचने की आशंका है, जिसका असर पूरे बैलाडीला आयरन ओर प्रोजेक्ट पर पड़ सकता है।
यह संघर्ष उन ठेकेदार मजदूरों की लड़ाई है जो देश की प्रमुख सरकारी खनन कंपनी में भी केंद्र सरकार की अपनी ही अधिसूचना के अनुसार बुनियादी मजदूरी के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।
अभी की स्थिति: हड़ताल जारी, मजदूर अडिग, प्रबंधन-मजदूर गतिरोध कायम है

