किरंदुल से विशेष रिपोर्ट
*बस स्टैंड की चमक के पीछे छिपी अव्यवस्था की सच्चाई
किरंदुल, दंतेवाड़ा — छत्तीसगढ़ की सबसे समृद्ध नगरपालिकाओं में शुमार किरंदुल का बस स्टैंड अपनी खूबसूरती और आधुनिक ढांचे के लिए हमेशा चर्चा में रहा है। दूर-दूर से आने वाले यात्री इसके निर्माण और आकर्षक स्वरूप की सराहना करते नहीं थकते।
लेकिन इसी चमक-दमक के पीछे एक ऐसी तस्वीर भी छिपी है, जो नगर प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्थाओं की ओर इशारा करती है।
बस स्टैंड परिसर के एक हिस्से में नालियों जैसा बहता गंदा पानी यात्रियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। यह पानी धीरे-धीरे कीचड़ में बदल रहा है, जिससे रास्ते पर चलना न सिर्फ मुश्किल बल्कि लगभग नामुमकिन हो चुका है। कीचड़ भरा यह हिस्सा यात्रियों, छात्रों, बुजुर्गों और आम राहगीरों के लिए दुर्घटना का कारण भी बन रहा है।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
किरंदुल जैसा सम्पन्न नगर — जहां नगरपालिका की आय करोड़ों में होती है — वहां बुनियादी स्वच्छता की ऐसी हालत होना कई सवाल खड़े करता है।
यात्री बताते हैं कि बस स्टैंड की जितनी तारीफ की जाए कम है, लेकिन यह अव्यवस्था उसकी छवि को धूमिल कर रही है। उनका कहना है कि यदि नगरपालिका इस समस्या पर तत्काल ध्यान दे, तो बस स्टैंड वास्तव में पूरे बस्तर संभाग के लिए एक मॉडल स्टेशन बन सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका से मांग की है कि
गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए,
फुटपाथ और रास्तों पर स्थायी मरम्मत की जाए,
बस स्टैंड की नियमित सफाई और निरीक्षण की व्यवस्था की जाए।
किरंदुल शहर विकास की रफ्तार में आगे बढ़ रहा है, लेकिन बस स्टैंड की यह समस्या साफ बताती है कि बुनियादी व्यवस्थाओं पर भी उतना ही ध्यान देने की आवश्यकता है, जितना सजावट और निर्माण पर दिया जा रहा है।
किरंदुल की जनता अब प्रशासन से ठोस कदम उठाने की उम्मीद कर रही है।

