*किरंदुल वार्ड नंबर 1 में लक्ष्मी देवी की सामाजिक कार्यकर्ता वाली छवि पर सवाल, स्थानीय निवासियों ने लगाए गंभीर आरोप*
किरंदुल, 17 अक्टूबर 2025: किरंदुल के वार्ड नंबर 1 में खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाली लक्ष्मी देवी की छवि पर स्थानीय निवासियों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। निवासियों का कहना है कि लक्ष्मी देवी द्वारा सामाजिक कार्यों का दावा मात्र एक दिखावा है, जबकि वास्तविकता में उन्होंने समाज हित में कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं दिया। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लक्ष्मी देवी को वार्ड में आयोजित किसी भी सामाजिक गतिविधि में कभी सहयोग करते नहीं देखा गया।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लक्ष्मी देवी और उनके दो सहयोगी वन विभाग की भूमि को अपनी संपत्ति बताकर इसे 50 हजार से 1 लाख रुपये में बेचने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ निवासियों ने दावा किया कि जब गरीब या छोटे तबके के लोग इस खाली भूमि पर घर बनाकर रहना चाहते हैं, तो लक्ष्मी देवी इसे अपनी जमीन बताकर उनसे धन की मांग करती हैं। इस तरह की गतिविधियां न केवल अवैध हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को प्रभावित कर रही हैं, जिससे उनके सामाजिक कार्यकर्ता होने के दावे पर संदेह और गहरा होता है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस विवाद को और हवा दी है, जिसमें लक्ष्मी देवी नगरपालिका के कर्मचारियों से नाली सफाई के दौरान बहस करती नजर आ रही हैं। वीडियो में वे कार्य में बाधा डालती दिख रही हैं। जब इस घटना की खबर अखबारों में छपी, तो लक्ष्मी देवी ने पत्रकार पर धन मांगने का आरोप लगाया, जो निवासियों के अनुसार उनके गलतियों को छिपाने का एक तरीका मात्र है। मोहल्ले के कई लोग इस व्यवहार से परेशान हैं और कहते हैं कि लक्ष्मी देवी की जोरदार आवाज और विवाद पैदा करने की आदत के कारण लोग उनसे दूरी बनाना पसंद करते हैं।
एक निवासी ने चुनौती देते हुए कहा, “लक्ष्मी देवी को समाज हित में अपनी कोई एक उपलब्धि बतानी चाहिए। वे खुद को सामाजिक कार्यकर्ता कहती हैं, लेकिन अब तक कौन सा ऐसा कार्य किया है जिससे वार्ड या समाज को लाभ पहुंचा हो? यदि उन्हें वीडियो बनाने का शौक है, तो वे वीडियो के माध्यम से अपने योगदान को साबित करें।” निवासियों का मानना है कि लक्ष्मी देवी का सामाजिक कार्यकर्ता वाला दावा निजी स्वार्थ सिद्ध करने का माध्यम मात्र है, और इससे उनके झूठे दिखावे की पोल खुल रही है।

