*राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2025: मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) किरंदुल द्वारा चिकित्सकों का सम्मान, परियोजना चिकित्सालय की सेवाएं सराहनीय*
किरंदुल, 2 जुलाई 2025: राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक), किरंदुल ने बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स के परियोजना चिकित्सालय और शासकीय चिकित्सालय, बंगाली कैंप, किरंदुल के सम्माननीय चिकित्सकों को पुष्प गुच्छ और कलम भेंट कर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर यूनियन ने चिकित्सकों और उनके स्टाफ की समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा, विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और उज्जवल भविष्य की कामना की।
*चिकित्सक: समाज के सच्चे रक्षक*
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, जो प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है, भारत में चिकित्सकों के योगदान को सम्मान देने का एक विशेष अवसर है। यह दिन प्रसिद्ध चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। डॉ. रॉय ने चिकित्सा क्षेत्र में अपनी अमूल्य सेवाओं और भारतीय चिकित्सा परिषद जैसे संस्थानों की स्थापना के माध्यम से देश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त किया।
मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने इस अवसर पर किरंदुल परियोजना चिकित्सालय और बंगाली कैंप के शासकीय चिकित्सालय के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की सेवाओं की सराहना की। यूनियन ने अपने बयान में कहा कि चिकित्सक न केवल बीमारियों का इलाज करते हैं, बल्कि समाज को स्वस्थ और सशक्त जीवन जीने की प्रेरणा भी देते हैं। विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान इन चिकित्सकों ने जिस समर्पण और निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दीं, वह समाज के लिए एक प्रेरणा है।
*कोरोना काल में किरंदुल परियोजना चिकित्सालय की अनुकरणीय भूमिका*
कोरोना महामारी के दौरान, जब पूरा विश्व एक अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, किरंदुल परियोजना चिकित्सालय और इसके चिकित्सकों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन बेमिसाल तरीके से किया। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के इस सुदूर वनांचल क्षेत्र में, जहां संसाधनों की कमी एक चुनौती थी, वहां परियोजना चिकित्सालय ने न केवल मरीजों का इलाज किया, बल्कि महामारी को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यूनियन ने अपने बयान में बताया कि किरंदुल में कोरोना के दौरान मृत्यु दर (केजुअल्टी) अन्य शहरों की तुलना में नगण्य रही, जो चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम था। इस दौरान चिकित्सकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सेवा की और उनके इस योगदान को शब्दों में बयान करना मुश्किल है। यूनियन ने परियोजना चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एम. व्ही. लाल और उनकी पूरी टीम को इस असाधारण कार्य के लिए बधाई दी।
*किरंदुल परियोजना चिकित्सालय: दंतेवाड़ा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार*
वर्तमान में भी किरंदुल परियोजना चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाएं पूरे दंतेवाड़ा जिले में एक मिसाल बनी हुई हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और समर्पित पैरामेडिकल स्टाफ के साथ यह अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य का एक मजबूत आधार प्रदान करता है। यूनियन ने इस अवसर पर अस्पताल की सेवाओं को “प्रशंसनीय और सराहनीय” बताते हुए सभी कर्मचारियों की मेहनत को सराहा।
*इंटक यूनियन की पहल और नेतृत्व*
इस कार्यक्रम का आयोजन इंटक यूनियन के अध्यक्ष विनोद कश्यप और सचिव ए. के. सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों, जिनमें एम. के. मल्लाह, जियाउल हसन, जी. रवि, राकेश लाल, देवनारायण, सौरभ पात्रे, तरुण साहू, मनोज कोड्पपी, हरिशंकर साहू, त्रिलोक बांधे, जय प्रकाश गुप्ता और नरेश शामिल थे, ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में चिकित्सकों को पुष्प गुच्छ और कलम भेंट कर उनके योगदान को सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम था, बल्कि समाज में स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को रेखांकित करने का भी एक प्रयास था।
*राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का महत्व*
राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस न केवल चिकित्सकों के योगदान को सम्मानित करने का अवसर है, बल्कि यह समाज को यह याद दिलाने का भी एक मौका है कि चिकित्सा एक सेवा है, न कि केवल एक पेशा। इस दिन चिकित्सकों को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को पुनर्जनन करने का अवसर मिलता है।
किरंदुल जैसे सुदूर क्षेत्रों में, जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित हो सकती है, परियोजना चिकित्सालय जैसे संस्थान समाज के लिए एक वरदान हैं। मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) ने इस अवसर पर यह संदेश दिया कि चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की मेहनत और समर्पण समाज को स्वस्थ और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
*निष्कर्ष* राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2025 के अवसर पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक), किरंदुल ने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को सलाम किया। यह आयोजन न केवल चिकित्सकों के सम्मान का प्रतीक था, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देता है कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी समुदाय की रीढ़ होती हैं। किरंदुल परियोजना चिकित्सालय और इसके कर्मचारियों की सेवाएं दंतेवाड़ा जिले के लिए एक गौरव का विषय हैं, और इस तरह के आयोजन इन सेवाओं को और अधिक प्रेरित करते हैं।संपर्क: मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक), किरंदुल

