*भारत माता मॉडल स्कूल, किरंदुल में साला प्रवेश उत्सव का आयोजन, आर्थिक तंगी के बावजूद उत्साह बरकरार*
किरंदुल: भारत माता मॉडल स्कूल, किरंदुल में नये शैक्षणिक सत्र के स्वागत में साला प्रवेश उत्सव का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सींग, पार्षद गायत्री साहू, अमृत टंडन, और अनुसूचित जाति-जनजाति एनएमडीसी फेडरेशन के सचिव बी.एल. तारम ने नन्हे-मुन्ने बच्चों का तिलक लगाकर और बैग वितरित कर स्कूल में स्वागत किया। यह आयोजन बच्चों के लिए एक यादगार पल रहा, जहां उन्हें नये सत्र की शुरुआत में प्रोत्साहन और स्नेह मिला।
हालांकि, यह स्कूल आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। कभी एनएमडीसी के पूर्ण सहयोग से शुरू हुआ यह स्कूल, जो पहले एक शिशु मंदिर के रूप में कार्यरत था, अब सीमित संसाधनों के साथ संचालित हो रहा है। स्कूल में वर्तमान में 90 बच्चे पढ़ रहे हैं, जिन्हें 8 शिक्षिकाएं और 4 सहयोगी कर्मचारी शिक्षा और सहायता प्रदान कर रहे हैं। शिक्षिकाएं मात्र 2,000 से 5,000 रुपये के मासिक मानदेय पर कार्य कर रही हैं, जो उनकी समर्पण और सेवा भावना को दर्शाता है।
स्कूल की प्रेरणा महिला समिति की अध्यक्ष के अनुसार, एनएमडीसी अधिकारियों की पत्नियों द्वारा संचालित प्रेरणा महिला समिति ने विद्या मंदिर नर्सरी स्कूल की शुरुआत की, जिसके बाद भारत माता मॉडल स्कूल की ओर ध्यान कम हो गया। समिति का कहना है कि स्कूल की आर्थिक स्थिति नाजुक है और इसे चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है। स्कूल को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आर्थिक सहयोग की तत्काल आवश्यकता है।
फिर भी, स्कूल का प्रबंधन और शिक्षक समुदाय के सहयोग से इसे जीवित रखने में जुटे हैं। साला प्रवेश उत्सव जैसे आयोजन न केवल बच्चों में उत्साह जगाते हैं, बल्कि समाज से सहयोग की अपील भी करते हैं। समिति ने स्थानीय समुदाय, संगठनों और दानदाताओं से स्कूल के लिए आर्थिक और सामाजिक सहयोग की मांग की है, ताकि यह संस्थान बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता रहे।
यह आयोजन न केवल एक नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के प्रति समर्पण और सामुदायिक सहयोग से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। भारत माता मॉडल स्कूल अब समाज के सहयोग का इंतजार कर रहा है, ताकि यह नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य को संवारने का अपना मिशन जारी रख सके।
सहयोग की अपील: स्कूल प्रबंधन ने सभी से अनुरोध किया है कि वे इस नेक कार्य में योगदान दें, ताकि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो और स्कूल अपनी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रख सके।

