*गुमियापाल-अरनपुर रोड निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही: ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ीं, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल*

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*गुमियापाल-अरनपुर रोड निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही: ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ीं, पैदल चलना भी हुआ मुश्किल*

दंतेवाड़ा जिले के कुंवाकोंडा विकास खंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत गुमियापाल से अरनपुर तक करीब 12 किलोमीटर लंबे मार्ग का निर्माण पिछले एक वर्ष से चल रहा है, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह सड़क अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। इस मार्ग से रोजाना 10 से 15 गाँवों के सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं, जो किरंदुल और अन्य क्षेत्रों को जोड़ता है। लेकिन सड़क की बदहाल स्थिति ने न केवल वाहनों का आवागमन असंभव कर दिया है, बल्कि पैदल और साइकिल से चलना भी जोखिम भरा हो गया है।

*निर्माण में लापरवाही का आलम*

पिछले साल नवंबर 2024 में शुरू हुए इस सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार ने केवल रोड की खुदाई की और कुछ हिस्सों में मुरम या चिकनी मिट्टी डालकर काम को अधूरा छोड़ दिया। न तो गिट्टी डाली गई और न ही निर्माण में कोई प्रगति दिखाई दे रही है। मानसून की शुरुआती बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। सड़क की सतह कीचड़ और गड्ढों से भर गई है, जिससे आपातकालीन वाहनों जैसे एम्बुलेंस का आवागमन तो दूर, ग्रामीणों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

*ग्रामीणों की परेशानियाँ*

यह सड़क गुमियापाल और आसपास के गाँवों के लिए जीवनरेखा है, जो किरंदुल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दैनिक जरूरतों, जैसे बाजार जाना, अस्पताल पहुँचना या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक ग्रामीण ने बताया, “बारिश के बाद सड़क पर कीचड़ इतना है कि साइकिल तो छोड़िए, पैदल चलते समय भी फिसलने का डर रहता है। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो एम्बुलेंस का आना असंभव है।”

*प्रशासन और ठेकेदार की उदासीनता*

स्थानीय लोगों ने ठेकेदार की लापरवाही और प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। यह सड़क न केवल आवागमन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी अहम भूमिका निभाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य को गंभीरता से नहीं लिया और समय पर काम पूरा करने की कोई योजना नहीं बनाई। इसके अलावा, निर्माण स्थल पर न तो पर्याप्त मजदूर हैं और न ही कार्य की निगरानी के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद है।

हाल के समाचारों के अनुसार, दंतेवाड़ा-किरंदुल मार्ग के निर्माण में भी ठेकेदार की लापरवाही सामने आई थी, जहाँ ग्रामीणों ने धीमे काम के विरोध में चक्काजाम किया था। गुमियापाल-अरनपुर मार्ग की स्थिति भी इससे अलग नहीं है।

*ग्रामीणों की माँग और समाधान की जरूरत*

ग्रामीणों ने माँग की है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे और ठेकेदार को काम में तेजी लाने का निर्देश दे। साथ ही, सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जाँच और समयबद्ध पूरा करने के लिए एक निगरानी समिति गठित की जाए। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

*निष्कर्ष*

गुमियापाल-अरनपुर सड़क निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही न केवल ग्रामीणों के लिए असुविधा का कारण बन रही है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास को भी बाधित कर रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे, ठेकेदार की जवाबदेही सुनिश्चित करे और सड़क निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाए। यह न केवल ग्रामीणों की दैनिक समस्याओं को कम करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगा।

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