जगदलपुर में भाजपा का भीतरी संग्राम – होर्डिंग विवाद से उठे सवाल
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष के चुनाव को लेकर छिड़ा विवाद अब भाजपा के अंदरूनी गलियारों में चर्चाओं का तूफान बन गया है। पूरे बस्तर संभाग के 7 जिलों में यह मामला पार्टी के भीतर तनाव का कारण बनता जा रहा है।
मामला संसद सदस्य महेश कश्यप के होर्डिंग का है, जो जिला कार्यालय के सामने लगाया गया था। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जैसे ही भाजपा जिला अध्यक्ष की नजर इस होर्डिंग पर पड़ी, उन्होंने तुरंत सांसद महेश कश्यप के मीडिया प्रभारी (जो भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी भी हैं) को तलब किया। सौजन्य से शुरू हुई यह बातचीत अचानक गरमा गई और आरोप-प्रत्यारोप के शब्दबाण चलने लगे।
जिला अध्यक्ष के निर्देश पर कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि भाजपा जिला अध्यक्ष के निर्देश पर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष ने संबंधित पदाधिकारी को 29 मार्च को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
संबंधित पदाधिकारी ने 31 मार्च को अपना स्पष्टीकरण दिया, लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।
दिल्ली तक गूंजा विवाद
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस घटनाक्रम की खबर नई दिल्ली तक पहुंच गई। सांसद महेश कश्यप ने अपने मीडिया प्रभारी से पूरे मामले की विस्तार से जानकारी मांगी है। ऐसा माना जा रहा है कि यह मामला अब भाजपा के प्रदेश कार्यालय तक पहुंच सकता है, जिससे संगठन में हलचल मच गई है।
भाजपा के भीतर खलबली – सवालों के घेरे में नेतृत्व
इस विवाद ने भाजपा के अंदर नेतृत्व और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और जगदलपुर के विधायक किरण देव भी इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि – आखिर यह विवाद कहां जाकर रुकेगा? क्या प्रदेश नेतृत्व इस मामले में सख्त कदम उठाएगा या इसे आपसी तालमेल से सुलझाने का प्रयास होगा?
होर्डिंग विवाद में नोटिस का अवलोकन – भाजपा में बढ़ता तनाव
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में संसद सदस्य महेश कश्यप के होर्डिंग विवाद ने भाजपा के भीतर खलबली मचा दी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला अध्यक्ष ने सांसद के मीडिया प्रभारी, जो भाजयुमो के ही सह कोषाध्यक्ष भी हैं, को नोटिस जारी किया था।
29 मार्च को जारी इस नोटिस में उनसे होर्डिंग लगाने के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा गया था। नोटिस में यह स्पष्ट किया गया कि किस अनुमति और निर्देश के आधार पर यह होर्डिंग कार्यालय के सामने लगाई गई।
31 मार्च को दिया गया जवाब
संबंधित व्यक्ति ने 31 मार्च को नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया। सूत्रों का कहना है कि जवाब में उन्होंने बताया कि होर्डिंग लगाने का उद्देश्य केवल सांसद के कार्यों का प्रचार-प्रसार करना था, इसमें कोई राजनीतिक दुर्भावना नहीं थी।
बढ़ सकता है विवाद – दिल्ली तक पहुंचेगी गूंज?
हालांकि, मामला यहीं शांत होता नहीं दिख रहा। संसद सदस्य महेश कश्यप ने नई दिल्ली से इस पूरे प्रकरण पर अपने मीडिया प्रभारी से विस्तार से जानकारी मांगी है। इससे संभावना जताई जा रही है कि यह मामला प्रदेश कार्यालय तक पहुंच सकता है।
भाजपा के भीतर गहरा असंतोष – नेतृत्व की परीक्षा?
इस विवाद ने भाजपा के भीतर अनुशासन, समन्वय और नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव की नजर अब इस पूरे मामले पर है।
क्या प्रदेश नेतृत्व इस विवाद को शांत कर पाएगा या अंदरूनी कलह और गहरा जाएगी? – यह देखने वाली बात होगी।

