*विज्ञापन लिया, भुगतान कब? बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन की कार्यशैली पर उठे सवाल*
महीनों से बकाया विज्ञापन राशि के लिए भटक रहे पत्रकार, चुनाव संचालन समिति से लगाई गुहार
किरंदुल (दंतेवाड़ा)।
बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन में चुनावी गतिविधियां तेज हैं, लेकिन इसी बीच एसोसिएशन के सामने विज्ञापन भुगतान का पुराना बकाया मामला बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। किरंदुल-बचेली क्षेत्र के विभिन्न समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं न्यूज पोर्टल्स से जुड़े पत्रकारों ने चुनाव संचालन समिति से मुलाकात कर वर्ष 2025 एवं 2026 में शपथ ग्रहण समारोह, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी विज्ञापनों की लंबित राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की।
पत्रकारों का कहना है कि विज्ञापन प्रकाशित और प्रसारित होने के बाद उसका भुगतान महीनों तक लंबित रखना आखिर किस व्यवस्था का हिस्सा है? जब विज्ञापन लेने के समय मीडिया की जरूरत महसूस होती है, तो भुगतान के समय वही मीडिया क्यों नजरअंदाज किया जाता है?
पत्रकारों के भुगतान पर चुप्पी क्यों?
पत्रकारों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि पिछली कमेटी के कार्यकाल से विज्ञापन भुगतान का मामला लंबित है। कई बार संपर्क किए जाने के बावजूद बकाया राशि का निपटारा नहीं हो सका।
यह सवाल अब केवल कुछ पत्रकारों के भुगतान का नहीं है, बल्कि एसोसिएशन की जवाबदेही और कार्यप्रणाली का भी है। यदि किसी संस्था ने विधिवत विज्ञापन जारी कराया है और मीडिया संस्थानों ने उसके अनुरूप अपना कार्य किया है, तो भुगतान में इतनी लंबी देरी का कारण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
नई समिति के सामने पुराना हिसाब
अब जबकि एसोसिएशन की चुनाव प्रक्रिया चल रही है, पत्रकारों ने चुनाव संचालन समिति के सामने अपना पक्ष रखा है। सवाल यह भी है कि नई व्यवस्था पुराने बकायों को कब तक ढोती रहेगी? क्या चुनाव से पहले पत्रकारों के लंबित भुगतान का हिसाब साफ किया जाएगा या यह मामला फिर अगली कमेटी के भरोसे छोड़ दिया जाएगा?
पत्रकारों ने मांग की है कि सभी संबंधित मीडिया संस्थानों और पत्रकारों की बकाया विज्ञापन राशि की सूची तैयार कर भुगतान की स्पष्ट समय-सीमा घोषित की जाए, ताकि आगे इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।
पत्रकारों की मजबूरी को कमजोरी न समझा जाए
मीडिया संस्थान किसी संस्था का विज्ञापन प्रकाशित करते हैं तो वह भी एक व्यावसायिक सेवा है। ऐसे में महीनों तक भुगतान लंबित रहना पत्रकारों के लिए आर्थिक परेशानी पैदा करता है। पत्रकारों का कहना है कि सम्मान केवल मंच पर माला पहनाने से नहीं, बल्कि समय पर किए गए भुगतान और पारदर्शी व्यवहार से भी दिखाई देता है।
अब देखना यह है कि बैलाडीला ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन की चुनाव संचालन समिति इस पुराने बकाया मामले को कितनी गंभीरता से लेती है और पत्रकारों को भुगतान के लिए और कितना इंतजार करना पड़ता है।
इस दौरान चुनाव संचालन समिति के अमरीक सिंह, रविंद्र सोनी, तपन दास, सलीम रजा उस्मानी, सतपाल सिंह एवं अखिलेश यादव मौजूद रहे। पत्रकारों ने समिति से मुलाकात कर लंबित विज्ञापन भुगतान शीघ्र कराने की मांग रखी।
