*एनएमडीसी बचेली: टेलिंग डेम की लापरवाही पर 11 गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर, बारिश में बेघर कर दिया!*
दंतेवाड़ा (बचेली): एनएमडीसी बचेली परियोजना के टेलिंग डेम की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवालों के बीच प्रशासन ने आज रविवार को बारिश के मौसम में 11 गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चला दिया। वन विभाग की भूमि पर काबिज इन अवैध कब्जाधारियों को हटाने की कार्रवाई को लेकर एनएमडीसी बचेली की भूमिका पर तीखे सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि ये घर टेलिंग डेम से महज 10 मीटर की दूरी पर बने थे और जन सुरक्षा को देखते हुए इन्हें हटाना जरूरी था। पिछले साल अगस्त में बारिश के दौरान टेलिंग डेम का एक हिस्सा ढह गया था, जिसमें सैकड़ों ट्रक दब गए थे। इसके बावजूद एनएमडीसी बचेली ने पूरे एक साल में डेम को मजबूत करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए, यह बड़ा सवाल है।
एनएमडीसी की लापरवाही?
एनएमडीसी बचेली ने बारिश से पहले पत्र लिखकर प्रशासन को चेताया कि डेम के पास रह रहे लोगों को हटाया जाए, लेकिन खुद डेम की मरम्मत और सुरक्षा उपायों पर पर्याप्त काम नहीं किया।
डेम कभी भी टूट सकता है, हजारों जिंदगियों और बैलाडीला ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के सैकड़ों वाहनों को खतरा है। फिर भी कंपनी ने सुरक्षा उपायों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिखाई।
आज रविवार को बारिश के दिनों में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के 11 गरीब परिवारों को बेघर कर दिया गया। छोटे-छोटे बच्चों सहित ये परिवार अब बारिश में कहां जाएंगे? प्रशासन की इस एकतरफा कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश है।
स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि अगर टेलिंग डेम टूटा और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ तो जिम्मेदारी किसकी होगी? एनएमडीसी बचेली की ओर से डेम की मजबूती पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। पिछले घटनाक्रमों में भी कंपनी पर लापरवाही के आरोप लग चुके हैं।
यह कार्रवाई गरीबों पर तो पड़ी, लेकिन एनएमडीसी बचेली की टेलिंग डेम प्रबंधन की असफलता को छुपा नहीं पा रही है। बारिश अभी बाकी है और डेम की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन और एनएमडीसी को तुरंत डेम की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, वरना कोई बड़ी त्रासदी की जिम्मेदारी इनकी होगी।
एनएमडीसी बचेली को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
