*किरंदुलवासियों के सवाल: पट्टा, पानी और ट्रांसपोर्ट नगर कब मिलेगा?*
दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): नगरपालिका चुनाव 2024 में छत्तीसगढ़ के राज्य वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा किरंदुल में की गई पट्टा वितरण की घोषणा के एक साल बाद भी स्थानीय जनता इंतजार कर रही है। वन भूमि, नजूल, रेलवे और एनएमडीसी लीज की भूमि पर रह रहे हजारों परिवार अब सवाल पूछ रहे हैं कि घोषणा कब पूरी होगी?
राज्य वन मंत्री केदार कश्यप से सवाल:
चुनाव के दौरान आपने खुले मंच से घोषणा की थी कि किरंदुल के सभी करदाता (बिजली बिल, जल कर आदि देने वाले) को भूमि का पट्टा मिलेगा। यह घोषणा कब लागू होगी?
वन भूमि और एनएमडीसी लीज भूमि पर पट्टा देने की प्रक्रिया क्या है? क्या इसके लिए केंद्र सरकार या संबंधित विभाग से अनुमति ले ली गई है?
किरंदुल में भविष्य में पेयजल संकट गहराने वाला है। शुद्ध पेयजल की स्थायी व्यवस्था के लिए आपने क्या ठोस कदम उठाए हैं?
वर्षों से लंबित ट्रांसपोर्ट नगर की मांग पर आपकी क्या योजना है?
भाजपा सरकार से सवाल:
केंद्र, राज्य, जिला और नगरपालिका स्तर पर भाजपा की सरकार होने के बावजूद किरंदुल की तीन प्रमुख मांगें (पट्टा, शुद्ध पेयजल और ट्रांसपोर्ट नगर) अभी तक क्यों अधर में हैं?
मंत्री जी की घोषणा को अमली जामा पहनाने में इतना विलंब क्यों हो रहा है? क्या कोई प्रशासनिक अड़चन है या प्राथमिकता नहीं दी जा रही है?
क्या राज्य सरकार किरंदुल को खनन क्षेत्र से आगे बढ़कर एक सुविधायुक्त और स्थायी बस्ती के रूप में विकसित करने की ठोस नीति बना रही है?
नगरपालिका अध्यक्ष से सवाल:
नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किरंदुलवासियों की पट्टा संबंधी समस्याओं को आपने राज्य सरकार के समक्ष कितनी मजबूती से उठाया है?
पेयजल संकट की रोकथाम के लिए नगरपालिका स्तर पर क्या-क्या प्रस्ताव भेजे गए हैं और उन पर क्या कार्रवाई हुई है?
ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना के लिए भूमि चिन्हांकन और प्रस्ताव की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है?
जनता की आवाज:
किरंदुल के स्थानीय निवासी लगातार कह रहे हैं, “जब सारी सत्ता एक हाथ में है तो विकास कार्यों में देरी क्यों? हम बिजली बिल, जल कर भर रहे हैं, सरकार को कर दे रहे हैं, फिर पट्टा क्यों नहीं मिल रहा?”
किरंदुल में एनएमडीसी के कारण रोजगार तो है, लेकिन बुनियादी सुविधाएं अभी भी अपर्याप्त हैं। पट्टा न मिलने से लोग बैंक लोन, मकान निर्माण और सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है और ट्रांसपोर्ट नगर न बनने से क्षेत्र का आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है।
अब सवाल यह है कि राज्य वन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार और किरंदुल नगरपालिका अध्यक्ष इन सवालों का जवाब कब देंगे और अपनी घोषणाओं को कब पूरा करेंगे? किरंदुल की जनता अब वादों से आगे ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रही है

