*किरंदुल में चैत्र नवरात्रि-अष्टमी एवं रामनवमी पर भव्य बाइक-स्कूटी रैली: आस्था और सनातन संस्कृति का शानदार संगम*
दंतेवाड़ा (किरंदुल), 26 मार्च 2026: हिंदू धर्म और संस्कृति में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व माँ दुर्गा की नौ शक्तियों की आराधना का प्रतीक है, जो वसंत ऋतु में शुरू होकर रामनवमी पर समाप्त होता है। इसी दिन विक्रम संवत का नया वर्ष भी प्रारंभ होता है। आस्था की इसी पावन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर एक भव्य बाइक-स्कूटी रैली का आयोजन किया गया।
रैली में नवरात्रि की दिव्य शक्ति और भगवान राम की जयकार के साथ आस्थावानों का सच्चा संगम देखने को मिला। युवा-बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे उत्साह से शामिल हुए और हिंदू नववर्ष की खुशी को पूरे नगर में फैलाया।
रैली का मार्ग और कार्यक्रम
रैली का शुभारंभ श्री राघव मंदिर से हुआ, जो बैलाडीला क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। रैली किरंदुल की मुख्य गलियों से गुजरते हुए नगर भ्रमण करती हुई बस स्टैंड शहीद चौक पहुंची, जहां भक्तों ने सामूहिक शक्ति प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली वापस श्री राघव मंदिर पहुंची, जहां आरती के साथ इसका समापन हुआ।
नगर के धार्मिक नागरिकों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के सक्रिय सहयोग से यह रैली अत्यंत सफल रही। सड़कों पर भगवा झंडे, जयकारें और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सांस्कृतिक महत्व
चैत्र नवरात्रि न केवल माँ दुर्गा की पूजा का समय है, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय और नई शुरुआत का प्रतीक भी है। रामनवमी पर भगवान राम के जन्मोत्सव के साथ हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है। किरंदुल की यह रैली आधुनिक समय में युवा पीढ़ी द्वारा सनातन मूल्यों को जीवंत रखने का सुंदर उदाहरण है। बाइक-स्कूटी रैली के माध्यम से आस्था को नई ऊर्जा और एकजुटता का संदेश दिया गया।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को ‘आस्था का उत्सव’ बताते हुए कहा कि ऐसी रैलियां नगर में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देती हैं।
यह रैली न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक बनी, बल्कि किरंदुल के लोगों की गहरी आस्था और सामुदायिक भावना को भी दर्शाती है। ऐसे आयोजन सनातन हिंदू संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
*जय माता दी! जय श्री राम!*

