*किरंदुल में इतिहास रचा: इंटक यूनियन के बैनर तले महिलाओं ने निकाली विशाल मशाल रैली, महिला दिवस पर दिखाया सशक्तिकरण का जज्बा*
दंतेवाड़ा जिले के औद्योगिक नगर किरंदुल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन हुआ। भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के बैनर तले स्थानीय महिलाओं ने पहली बार विशाल मशाल रैली निकाली, जिसने पूरे क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की।
रैली की शुरुआत फुटबॉल ग्राउंड से हुई, जहां सैकड़ों महिलाएं मशालें थामे एकजुट हुईं। वे पैदल मार्च करते हुए गांधी भवन तक पहुंचीं। इस दौरान रैली में शामिल महिलाओं ने नारे लगाए और समाज में महिलाओं की समानता, सुरक्षा व सम्मान की मांग को बुलंद किया। गांधी भवन पहुंचने पर आयोजकों ने महिलाओं का जोरदार स्वागत किया और कई प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
यह आयोजन किरंदुल के इतिहास में पहली बार हुआ जब महिलाओं ने खुद मशाल रैली का नेतृत्व किया। खास बात यह रही कि रैली में न केवल महिलाएं बल्कि किरंदुल के विभिन्न वर्गों के लोग भी शामिल हुए, जिससे यह एक सामुदायिक उत्सव में तब्दील हो गया।
इंटक के स्थानीय नेताओं ने बताया कि यह रैली सिर्फ एक जुलूस नहीं, बल्कि महिलाओं की एकजुटता और उनकी आवाज को मजबूत करने का प्रतीक है। खासकर बस्तर जैसे क्षेत्र में जहां महिलाएं कई चुनौतियों का सामना करती हैं, यह पहल साहस और बदलाव की मिसाल बनी।
यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो दिखाती है कि छोटे-छोटे कदमों से भी समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। किरंदुल की महिलाओं की इस पहल ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है।
बधाई हो किरंदुल की बहनों को!
जय हिंद! जय महिला सशक्तिकरण!

