*दंतेवाड़ा में BJP जिलाध्यक्ष की दबंगई: सराफा व्यापारी को घर बुलाकर की मारपीट, किराया मांगने पर दिखाया सत्ता का रौब!*
दंतेवाड़ा, 13 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सत्ताधारी भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने गीदम के प्रतिष्ठित सराफा व्यापारी चांडकमल सोनी को किराया मांगने पर घर बुलाकर बुरी तरह पीटा, गाली-गलौच की और सत्ता का धौंस दिखाया। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने गीदम थाने का घेराव किया और जिलाध्यक्ष के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि संतोष गुप्ता ने सभी आरोपों को झूठा बताते हुए खुद FIR दर्ज कराने की बात कही है। यह मामला भाजपा की ‘स्वच्छ छवि’ पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है – क्या पार्टी अब अपने जिलाध्यक्ष को बचाएगी या पदमुक्त करेगी?
*विवाद की जड़: रेस्टोरेंट का किराया और सत्ता का घमंड*
गीदम शहर के पुराने बस स्टैंड के सामने स्थित जेआर पैलेस लॉज के मालिक चांडकमल सोनी एक सम्मानित सराफा व्यापारी हैसराफा व्यपारी के अनुसार, संतोष गुप्ता उनके लॉज में ‘गणपति रेस्टोरेंट’ चलाते हैं, जिसका मासिक किराया 40,000 रुपये है। लेकिन जब से संतोष भाजपा जिलाध्यक्ष बने हैं, तब से उन्होंने किराया देना बंद कर दिया। सोनी ने कई बार मांग की, लेकिन हर बार उन्हें धमकी मिली – “सत्ता मेरी है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।”
मंगलवार को संतोष ने सोनी को किराए के बारे में बात करने के लिए अपने घर बुलाया। लेकिन वहां पहुंचते ही विवाद हिंसक हो गया। सोनी ने पुलिस को दिए बयान में बताया, “उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया, गाली-गलौच की और बोले – सरकार मेरी है, सत्ता मेरी है। मैं हार्ट पेशेंट हूं, मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वो मेरे परिवार को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।” सोनी किसी तरह जान बचाकर भागे और सीधे थाने पहुंचे, जहां उन्होंने FIR की मांग की।
घटना की खबर फैलते ही गीदम थाने पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सोनी, जो गीदम में सराफा दुकान और 5 मंजिला होटल चलाते हैं, शहर के चर्चित व्यक्तित्व हैं बीजेपी जिलाध्यक्ष पर लगे आरोपों ने इलाके में हलचल मचा दी है।
*संतोष गुप्ता का पक्ष: “मुझे बदनाम किया जा रहा, मैं भी FIR कराऊंगा”*
इस पूरे प्रकरण पर संतोष गुप्ता ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, “सारे आरोप निराधार और झूठे हैं। मैं पूजा कर रहा था, तभी चांडकमल मेरे घर आए और किराए को लेकर विवाद करने लगे। मैंने उन्हें समझाया कि रेस्टोरेंट खुलने पर हिसाब-किताब कर लेंगे, लेकिन उन्होंने मुझे धक्का दिया और धमकाया। मैंने पद की गरिमा बनाए रखी, क्योंकि पार्टी और संगठन मेरे लिए सर्वोपरि है। जाते-जाते उन्होंने कहा – मैं तुझे फंसाऊंगा। मुझे बदनाम करने की साजिश है, मैं भी थाने जाकर FIR दर्ज कराऊंगा।”
संतोष ने दावा किया कि यह उनके चरित्र हनन की कोशिश है, लेकिन सोनी के आरोपों ने मामले को और गर्म कर दिया है।
*BJP की ‘स्वच्छ छवि’ पर सवाल: पदमुक्ति होगी या बचाव?*
यह घटना भाजपा की छवि पर गहरा असर डाल सकती है। याद दिला दें कि पहले किरंदुल में विधायक प्रतिनिधि और दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी के पीए को गलत मानते हुए पदमुक्त किया गया था – तब उन पर कोई FIR भी नहीं थी। लेकिन अब जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता पर मारपीट का गंभीर आरोप है और गीदम थाने में FIR दर्ज हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या भाजपा प्रदेश नेतृत्व अब भी सख्ती दिखाएगा? या सत्ता के मद में जिलाध्यक्ष को बचाने के लिए पूरी पार्टी लग जाएगी?
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला ऊपर तक पहुंच चुका है। अगर जांच में आरोप साबित हुए, तो भाजपा की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल उठेंगे। वहीं, स्थानीय लोग कहते हैं कि सत्ता का दुरुपयोग रुकना चाहिए, वरना जनता का विश्वास टूटेगा।
पुलिस जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज हो चुके हैं। आगे क्या होगा, यह देखना बाकी है। लेकिन इतना तय है – दंतेवाड़ा में सत्ता की दबंगई की यह कहानी जल्द खत्म नहीं होने वाली!

