*किरंदुल में बस चालकों की लंबी प्रतीक्षा समाप्त: अध्यक्ष रूबी सींग और उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी की पहल से आज मशीनें लगीं, वादा पूरा!*

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*किरंदुल में बस चालकों की लंबी प्रतीक्षा समाप्त: अध्यक्ष रूबी सींग और उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी की पहल से आज मशीनें लगीं, वादा पूरा!*

सी ज़ी संविधान न्यूज़

किरंदुल (दंतेवाड़ा), 21 नवंबर 2025

बस्तर के हृदय स्थल किरंदुल में बस चालकों की वर्षों पुरानी व्यथा आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गई। “जाए तो जाए कहां?” — यह सवाल अब इतिहास बन चुका है। किरंदुल नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सींग और उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी की संयुक्त पहल से आज सुबह ही मशीनें लगाकर बसों के लिए निर्धारित जगह की सफाई और समतलीकरण का कार्य शुरू हो गया। यह कदम मात्र दो-तीन दिनों के आश्वासन को साकार करने वाला है, जिसकी शुरुआत आज से ही हो चुकी है।

सी जी संविधान न्यूज़ की लगातार रिपोर्टिंग और जनता की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने वाली खबरों का यह असर है। संपादक किशोर कुमार रामटेके द्वारा उठाए गए मुद्दे पर नगरपालिका ने न केवल त्वरित कार्रवाई की, बल्कि वादे को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का संकल्प भी दिखाया। बस चालकों और यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बनी इस खबर ने पूरे अंचल में सकारात्मक संदेश फैला दिया है।

*वर्षों की पीड़ा: एक संक्षिप्त पुनरावलोकन*

किरंदुल, जो NMDC के लौह अयस्क खदानों के लिए जाना जाता है, वहां निजी बसें शहर की धमनियां हैं। दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरों से रात भर 400-500 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके बसें यहां पहुंचती हैं। लेकिन पहुंचते ही समस्या शुरू हो जाती: NMDC के सुरक्षा गार्ड बसों को परिसर में प्रवेश नहीं देते, तो सड़क किनारे खड़ी करने पर पुलिस चालान थमा देती। नतीजा? चालक रात भर इधर-उधर भटकते, कभी जंगलों में बसें छिपाते, कभी अनिश्चितता में जागते रहते।

इससे प्रभावित न केवल चालक थे, बल्कि हजारों यात्री भी। बस्तर के आदिवासी बहुल क्षेत्र में जहां सरकारी परिवहन सीमित है, वहां निजी बसें ही जीवनरेखा हैं। किरंदुल से बचेली, नागरनार, गीदम, दंतेवाड़ा, भांसी, कुआकोंडा और जगदलपुर तक के रूट्स पर चलने वाली 70 से अधिक बसें रोज इस दुविधा से जूझतीं। यात्रियों को सुबह बस न मिलने से स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और बाजार जाने में देरी होती, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान होता रहा।

सी जी संविधान न्यूज़ ने इस मुद्दे को बार-बार प्रमुखता से उठाया। संपादक किशोर कुमार रामटेके ने न केवल चालकों की व्यथा को कवर किया, बल्कि सीधे नगरपालिका अध्यक्ष और अधिकारियों से मुलाकात कर समाधान की मांग की। उनकी रिपोर्ट्स ने जनता में जागरूकता फैलाई और प्रशासन को कार्य करने के लिए प्रेरित किया। आज का यह कार्य इसी पत्रकारिता का फल है, जो साबित करता है कि सशक्त मीडिया जनसेवा का सच्चा सिपाही होता है।

*अध्यक्ष रूबी सींग और उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी: संवेदनशील नेतृत्व का प्रतीक*

आज सुबह 8 बजे किरंदुल के मुख्य बाजार से मात्र 500 मीटर दूर चिन्हित स्थान पर जेसीबी, ग्रेडर और अन्य मशीनें धमाके से चलीं। मिट्टी भरकर तैयार की गई इस जगह की सफाई, समतलीकरण और ड्रेनेज का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सींग स्वयं मौके पर पहुंचीं और कार्यकर्ताओं को निर्देश दे रही थीं। उन्होंने सी जी संविधान न्यूज़ से विशेष बातचीत में कहा,

“बस चालकों की परेशानी हमारी परेशानी है। हमने वादा किया था और आज उसे पूरा कर रहे हैं। दो-तीन दिनों में यह जगह पूरी तरह तैयार हो जाएगी, जहां 20-25 बसें सुरक्षित खड़ी हो सकेंगी। इसके बाद रोशनी, पानी, शौचालय और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। सी जी संविधान न्यूज़ की खबरों ने हमें प्रेरित किया, और हम जनता के प्रति समर्पित रहेंगे।”

उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी ने भी मौके पर पहुंचकर चालकों से बात की। उन्होंने कहा, “यह हमारी संयुक्त पहल है। किरंदुल को बेहतर बनाने के लिए हम दिन-रात एक हैं। चालकों भाइयों की नींद अब पूरी होगी, और शहर की गति तेज होगी। सी जी संविधान न्यूज़ को धन्यवाद, जिनकी खबरों ने इस बदलाव को गति दी।”

मुख्य नगरपालिका अधिकारी शशिभूषण महापात्र ने बताया कि यह स्थान NMDC के प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर है, इसलिए कोई कानूनी बाधा नहीं। कार्य की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है, और बजट भी पर्याप्त है।

*बस चालकों का उत्साह: नामों की बधाई और आभार*

कार्य स्थल पर पहुंचे दर्जनों बस चालकों ने अध्यक्ष रूबी सींग और उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी के नामों की खूब तारीफ की। रायपुर-किरंदुल रूट के चालक रामकुमार साहू ने कहा, “अध्यक्ष जी और सिद्दीकी जी का जज्बा देखकर मन प्रफुल्लित हो गया। सालों की त्रासदी खत्म हो रही है। सी जी संविधान न्यूज़ की खबरों का असर कमाल का है — बिना उनकी रिपोर्ट के यह संभव न होता।”

राजनांदगांव से आने वाले तुलसीराम यादव बोले, “रूबी दीदी और बबलू भैया ने जो कहा, आज करके दिखा दिया। अब रात में बस घुमाने की मजबूरी नहीं। यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। सी जी संविधान न्यूज़ को सलाम!”

बचेली रूट की बस चलाने वाली महिला चालक सुनीता कुमारी ने भावुक होकर कहा, “हम महिलाओं के लिए भी यह बड़ी राहत है। सुरक्षा का डर था, अब सब ठीक हो जाएगा। नेताओं और मीडिया का शुक्रिया।”

*बस्तर के लिए मील का पत्थर: सकारात्मक बदलाव की शुरुआत*

यह बस स्टैंड किरंदुल ही नहीं, पूरे दंतेवाड़ा जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जहां विकास की गति धीमी रहती है, वहां ऐसी पहलें आशा की किरण हैं। मजदूर, छात्र, मरीज और व्यापारी — सभी को इसका लाभ मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि सुरक्षित पार्किंग से बस सेवाएं नियमित होंगी।

सी जी संविधान न्यूज़ इस कार्य की प्रगति पर नजर रखेगा और अगले अपडेट के साथ ग्राउंड रिपोर्ट लाएगा। संपादक किशोर कुमार रामटेके ने कहा, “हमारी पत्रकारिता का मकसद यही है — जन समस्याओं का समाधान। रूबी सींग और बबलू सिद्दीकी जैसे नेताओं का सहयोग सराहनीय है।”

किरंदुल अब नई सुबह की ओर अग्रसर है। बस चालकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है, और शहर की धमनियों में नई जान फूंक दी गई है। यह खबर बस्तर के हर कोने तक पहुंचेगी, और साबित करेगी कि संकल्प और संवाद से कोई समस्या असाध्य नहीं।

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