फूल छाप कोंग्रेसी का डबल गेम! किरंदुल मण्डल में सांसद प्रतिनिधि की नियुक्ति पर फिर घिरा विवाद, गुप्त बैठकें जारी
दंतेवाड़ा (किरंदुल): किरंदुल मण्डल की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। विधायक प्रतिनिधि, एल्डरमैन के बाद अब सांसद प्रतिनिधि की नियुक्ति को लेकर भाजपा कार्यकर्त्ता व फूल छाप कोंग्रेसी सक्रिय हो गये है। सूत्रों के मुताबिक, बस्तर सांसद के प्रतिनिधि की घोषणा बहुत जल्द होने वाली है, लेकिन भाजपा के कुछ फूल छाप कोंग्रेसी नेताओं और कांग्रेस के जिला स्तरीय नेताओं के घरों में बंद कमरों में चल रही गुप्त बैठकों ने सियासी हलचल तेज कर दी है।
पुराना विवाद नया रूप
पहले विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र गुप्ता पर विवादित कार्यों के आरोप लगे और उन्हें निष्कासित करना पड़ा। इसके बाद पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र सींग को नियुक्त किया गया, तो कांग्रेस ने भारी विरोध किया। फूल छाप कोंग्रेसी द्वारा अपने ही नवनियुक्त विधायक प्रतिनिधि के खिलाफ फर्जी दस्तखत वाली शिकायत जिला कलेक्टर को सौंपी गई, जो अखबारों की सुर्खियों में छा गई। एल्डरमैन की नियुक्ति में भी कुछ कार्यकर्ताओं की नाराजगी सामने आई।
अब मण्डल में एकमात्र प्रमुख पद — सांसद प्रतिनिधि — खाली पड़ा है। सूत्र बता रहे हैं कि फूल छाप कोंग्रेसी बीजेपी का चोला ओढ़े इस पद पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश में जुटे हैं। इनकी गुप्त बैठकें कांग्रेस नेताओं के घरों में लगातार चल रह है
क्या कांग्रेस को फिर मिलेगा मुद्दा?
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि किरंदुल में “सब कुछ मुमकिन” है। अगर विवादित या फूल छाप पृष्ठभूमि वाले नेता का नाम सांसद प्रतिनिधि के रूप में घोषित होता है, तो कांग्रेस को बिना मेहनत के नया मुद्दा मिल जाएगा। पहले की तरह फर्जी दस्तावेज, विरोध प्रदर्शन और मीडिया ट्रायल दोहराया जा सकता है।
बस्तर सांसद का फैसला तय करेगा माहौल
समय ही बताएगा कि बस्तर सांसद किसे अपना प्रतिनिधि बनाते हैं। लेकिन फिलहाल किरंदुल की राजनीति में फूल छाप कोंग्रेसी का गुट अलग ही धमाल मचा रहा है। क्या भाजपा इस बार सतर्क रहेगी और विवाद से बचते हुए योग्य कार्यकर्ता को मौका देगी? या फिर पुराना सिलसिला दोहराया जाएगा?
किरंदुल की जनता अब सांसद प्रतिनिधि की घोषणा का इंतजार कर रही है — साफ-सुथरा और विवादमुक्त नाम की उम्मीद के साथ।
