*बीजापुर जिला अस्पताल अब आपदा के लिए पूरी तरह तैयार, यूनिसेफ के साथ मिलकर लागू हुई मॉडल आपदा प्रबंधन योजना*
बीजापुर, 20 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित एवं संवेदनशील जिले बीजापुर में स्वास्थ्य सेवाओं को आपदा-प्रूफ बनाने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। जिला अस्पताल में “मॉडल हॉस्पिटल डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान (HDMP)” का प्रभावी क्रियान्वयन शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से यह योजना अब जमीनी स्तर पर पूरी मजबूती के साथ लागू की जा रही है।
पिछले साल राज्य व संभाग स्तर पर हुए व्यापक प्रशिक्षण के बाद प्रदेश के 7 चयनित जिलों में हॉस्पिटल डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी (HDMC) गठित की गई थी, जिसमें बीजापुर भी शामिल है। अब योजना को और मजबूत करने के लिए यूनिसेफ ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ श्रीमती वंदना चौहान को विशेष रूप से आमंत्रित किया है। श्रीमती चौहान इन दिनों जिला अस्पताल में स्टाफ को हैंडहोल्डिंग, तकनीकी मार्गदर्शन और लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं।
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में अस्पताल प्रशासन ने तेजी दिखाई है। गुरुवार को जिला अस्पताल में एक महत्वपूर्ण बहु-विभागीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें फायर ब्रिगेड, विद्युत विभाग और PWD के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई।
इस पूरे अभियान में सीएमएचओ डॉ. बी.आर. पुजारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री वरुण कुमार साहू और यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।
जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में बाढ़, आगजनी, भूस्खलन या किसी भी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में अब जिला अस्पताल मिनटों में एक्टिव मोड में आ सकेगा। मरीजों को तुरंत बेहतर इलाज मिलेगा और जान-माल का नुकसान कम होगा।
बीजापुर जैसे चुनौतीपूर्ण जिले में यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाएगा बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगा। यूनिसेफ और स्वास्थ्य विभाग की यह साझेदारी अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनेगी।

