*बीजापुर: भैरमगढ़ में 350 बोरी अवैध धान जब्त, प्रशासन की सख्ती से अवैध कारोबार पर लगाम*

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*बीजापुर: भैरमगढ़ में 350 बोरी अवैध धान जब्त, प्रशासन की सख्ती से अवैध कारोबार पर लगाम*

बीजापुर, 16 नवंबर 2025 – छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी 15 नवंबर से सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन अवैध धान के भंडारण और परिवहन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में दो अलग-अलग ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 350 बोरी अवैध धान जब्त किया गया। यह कार्रवाई महाराष्ट्र और तेलंगाना से सटे सीमावर्ती इलाके में बढ़ती अवैध धान की तस्करी की कोशिशों पर करारा प्रहार है।

कार्रवाई का विवरण

*स्थान: भैरमगढ़ का एक कॉम्प्लेक्स।*

आरोपी: राशि रमन पटेल और राजा मिश्रा (स्थानीय निवासी)।

जब्त सामग्री: लगभग 350 बोरी अवैध धान (अनुमानित मूल्य लाखों रुपये)।

टीम: तहसीलदार भैरमगढ़, फूड इंस्पेक्टर और मंडी निरीक्षक की मौजूदगी में जांच और जब्ती।

आगे की प्रक्रिया: धान को प्रशासनिक कब्जे में लेकर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू।

प्रशासन ने अंतरराज्यीय चेकपोस्टों पर 24×7 निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती की है, जिससे पड़ोसी राज्यों से अवैध धान की घुसपैठ रोकी जा सके।

विश्लेषण: क्यों जरूरी है ऐसी सख्ती?

पारदर्शिता बनाए रखना: MSP खरीदी में केवल स्थानीय किसानों का स्वयं उत्पादित धान ही स्वीकार किया जाता है। अवैध धान की मिलावट से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचता है और असली किसानों के हक मार जाते हैं।

आर्थिक प्रभाव: बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल इलाके में धान मुख्य फसल है। अवैध कारोबार से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होती है, जिससे MSP का लाभ कम होता है।

सीमावर्ती चुनौतियां: महाराष्ट्र-तेलंगाना सीमा से सटे होने से तस्करी आसान। प्रशासन की यह मुहिम राज्य स्तर पर अवैध धान नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में मिसाल बनेगी।

*किसानों पर असर: वैध धान बेचने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा, जबकि अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों को सबक।*

*प्रशासन की चेतावनी और अपील*

जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि MSP खरीदी के दौरान अवैध लेन-देन पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। दोषियों के खिलाफ FIR, जुर्माना और संपत्ति जब्ती जैसे कठोर कदम उठाए जाएंगे।

किसानों से अपील: “केवल अपना उत्पादित धान बेचें। अवैध गतिविधियों से दूर रहें, ताकि खरीदी प्रक्रिया निष्पक्ष और सुगम बनी रहे।”

यह कार्रवाई जिले में जारी सघन जांच अभियान का हिस्सा है, जो धान खरीदी सीजन को अनियमितताओं से मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रही है। प्रशासन की मुस्तैदी से किसानों में विश्वास बढ़ेगा और अवैध कारोबारियों में खौफ।

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