*किरंदुल-बचेली के मुक्ति धाम में फैली गंदगी पर जनता की जागरूकता और त्वरित कार्रवाई ने दिखाया असर*
किरंदुल-बचेली के एकमात्र मुक्ति धाम में लंबे समय से फैली गंदगी ने स्थानीय निवासियों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया था। यह मुद्दा तब सुर्खियों में आया जब स्थानीय पत्रकारों ने इसे गंभीरता से उठाया और अपने-अपने अखबारों में प्रमुखता से जगह दी। खबरों के दबाव और जनता के आक्रोश को देखते हुए किरंदुल-बचेली नगरपालिका और एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने त्वरित संज्ञान लिया।
परिणामस्वरूप, आज 26 जुलाई 2025, शनिवार की सुबह से ही मुक्ति धाम में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया, जिसके बाद यह स्थान अब पूरी तरह स्वच्छ हो चुका है।
*बैलाडीला विकास समिति का सार्थक पहल का परिणाम*
इस सफाई अभियान की शुरुआत का श्रेय बैलाडीला विकास समिति को जाता है, जिसने 25 जुलाई की शाम को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से नगरवासियों के नाम एक अपील जारी की थी। समिति ने निर्णय लिया था कि 27 जुलाई, रविवार को सभी निवासी मुक्ति धाम पहुंचकर श्रमदान के रूप में सफाई करेंगे। इस अपील का इतना व्यापक प्रभाव हुआ कि नगरपालिका और एनएमडीसी ने एक दिन पहले ही, यानी शनिवार सुबह से, मुक्ति धाम में पहुंचकर पूरी तरह सफाई करवा दी। यह घटना इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब जनता जागरूक होकर अपनी आवाज बुलंद करती है, तो प्रशासन को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ती है।
*अंतिमसंस्कार के दौरान आर सी नाहक की अपील*
स्थानीय निवासी आर.सी. नाहक ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए बताया, “मैं अपने मित्र की माता जी के अंतिम संस्कार के लिए मुक्ति धाम आया था। उस समय वहां गंदगी का आलम इतना था कि सभी को असुविधा हो रही थी। हमने इसकी शिकायत पत्रकारों से की, जिन्होंने इसे गंभीरता से लिया और अपने अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके परिणामस्वरूप आज मुक्ति धाम पूरी तरह स्वच्छ हो गया है। मैं सभी पत्रकारों को उनके इस प्रयास के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।”
- स्थानीय पत्रकार हरीश शर्मा बचेली ने इस अवसर पर नगरपालिका और एनएमडीसी से कुछ मांगें भी रखी हैं। उनका कहना है कि मुक्ति धाम की सफाई हर 2 से 3 महीने में नियमित रूप से होनी चाहिए। इसके अलावा, अन्य शहरों की तरह किरंदुल-बचेली में भी इलेक्ट्रॉनिक शव दाह मशीन की व्यवस्था की जानी चाहिए। रात्रि में प्रकाश के लिए उचित लाइटिंग और अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों के लिए सीमेंट की बैठने की व्यवस्था भी जरूरी है और टूटे हुऐ सेड को भी तत्काल बनाये इस पुरे सफाई के दौरान हरीश शर्मा मुक्ति धाम मे ही सफाई मे सहयोग करते नजर आये ।
यह घटना न केवल जनता की एकजुटता और मीडिया की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि जब नागरिक और प्रशासन मिलकर काम करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव हैं। बैलाडीला विकास समिति की अपील, पत्रकारों की सक्रियता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने मुक्ति धाम को एक बार फिर सम्मानजनक और स्वच्छ बनाया है। यह एक ऐसी मिसाल है जो अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

