*किरंदुल में एक दिन की बारिश और लोक निर्माण विभाग और नगरपालिका की लापरवाही से वार्ड नं. 1 में नवनिर्मित रिटर्निंग वॉल बना तालाब, घर में घुसा पानी*

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*किरंदुल में 1 दिन की बारिश और लोक निर्माण विभाग और नगरपालिका की लापरवाही से वार्ड नं. 1 में नवनिर्मित रिटर्निंग वॉल बना तालाब, घर में घुसा पानी*

किरंदुल, 24 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के किरंदुल शहर के वार्ड नंबर 1 में अंजलि रेस्टुरेंट के पास पिछले वर्ष आए जल प्रलय की त्रासदी ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और नगरपालिका की देखरेख में बनाई गई रिटर्निंग वॉल न केवल समस्या का समाधान करने में विफल रही, बल्कि यह क्षेत्र अब एक “नवनिर्मित तालाब” में तब्दील हो गया है, जिससे स्थानीय निवासि के लिए खतरा और बढ़ गया है।

*पिछले वर्ष की त्रासदी और नई समस्याएँ:*

पिछले साल भारी बारिश के दौरान अंजलि रेस्टुरेंट के पीछे की नाली से बारिश का पानी पास के कार सर्विसिंग वाले के घर में घुस गया था। इस साल पानी के प्रवेश को रोकने के लिए कार सर्विसिंग वाले ने अपने घर के पास नाले से सटी जगह पर 4 फीट ऊँची पक्की सीमेंट-ईंट की दीवार बनाई जिससे पानी नाली के रास्ता अंजलि रेस्टुरेंट के पास बने नाले में रुकने लगा। लेकिन रेस्टुरेंट मालिक द्वारा नाले के ऊपर ही अवैध रूप से निर्माण कर लिया गया, जिसके कारण नाला पूरी तरह बंद हो गया है । नगरपालिका ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ नोटिस जारी किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

*नगरपालिका का नया नाला, नई मुसीबत:*

नगरपालिका ने समस्या के समाधान के लिए दुकानों और मकानों के बीच एक नया नाला बनाया। लेकिन यह नया नाला भी लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित रिटर्निंग वॉल पर जाकर रुक जाता है। नतीजा, हल्की बारिश में भी यह क्षेत्र तालाब जैसा बन गया है। स्थानीय निवासी रमेश गुमास्ता के घर में पानी का घुसना अब आम बात हो गई है। निवासियों का कहना है कि यह “नवनिर्मित तालाब” उनकी जिंदगी को और मुश्किल बना रहा है।

*लोक निर्माण विभाग और नगरपालिका की लापरवाही:*

लोक निर्माण विभाग ने पिछले जल प्रलय के बाद क्षतिग्रस्त नालियों, पुलों और पुलियों की मरम्मत कार्य किया है। लेकिन वार्ड नंबर 1 में रिटर्निंग वॉल का निर्माण इस तरह किया गया कि यह पानी के बहाव को रोक रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण से पहले जल निकासी की उचित योजना नहीं बनाई गई, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई। नगरपालिका द्वारा अवैध निर्माण पर कार्रवाई में देरी और नए नाले के डिज़ाइन में खामियों ने स्थिति को और बदतर कर दिया।

*स्थानीय निवासियों की चिंता:*

रमेश गुमास्ता जैसे स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के मौसम में उनके घरों में पानी घुसने का डर बना रहता है। एक निवासी ने कहा, “लोक निर्माण विभाग और नगरपालिका की लापरवाही ने हमारे लिए तालाब बना दिया है। हमें अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ रही है।” निवासियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

*विश्लेषण:*

यह मामला जल प्रबंधन और शहरी नियोजन में प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। पिछले जल प्रलय के बाद भी न तो नालों की सफाई और मरम्मत को गंभीरता से लिया गया, न ही अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई हुई। रिटर्निंग वॉल और नए नाले का निर्माण बिना तकनीकी अध्ययन के किया गया, जिसके कारण जल निकासी की समस्या और गंभीर हो गई। यह स्थिति न केवल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि क्या भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाई जाएगी।

*प्रशासन से अपील:*

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि लोक निर्माण विभाग और नगरपालिका तत्काल इस क्षेत्र का दौरा करें, रिटर्निंग वॉल के डिज़ाइन में सुधार करें, और अवैध निर्माण को हटाकर नाले को खोलें। साथ ही, जल निकासी के लिए एक दीर्घकालिक योजना बनाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।

*निष्कर्ष:*

किरंदुल के वार्ड नंबर 1 में बारिश के पानी से उत्पन्न यह संकट प्रशासनिक लापरवाही और योजना की कमी का परिणाम है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह “नवनिर्मित तालाब” स्थानीय निवासियों के लिए और बड़ी मुसीबत बन सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल इस समस्या का समाधान करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।

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